बीएचयू के पोस्ट डॉक्टोरल फेलो डॉ. मृत्युंजय तिवारी, शिवांश सिंह समेत 10 से ज्यादा छात्रों को बीएचयू प्रशासन ने ई-मेल के माध्यम से नोटिस भेजा है। सभी को लिखित बयान दर्ज कराने को कहा गया है।
बीएचयू में यूजीसी रेगुलेशन 2026 का विरोध करते हुए आंदोलन और जुलूस में शामिल छात्रों को नोटिस जारी कर तलब किया गया है। चीफ प्रॉक्टर ऑफिस में उपस्थित होकर लिखित बयान दर्ज कराने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी बिल को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता, बीएचयू के पोस्ट डॉक्टोरल फेलो डॉ. मृत्युंजय तिवारी, शिवांश सिंह समेत 10 से ज्यादा छात्रों को बीएचयू प्रशासन ने ई-मेल के माध्यम से नोटिस भेजा है।
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बीएचयू में 29 जनवरी को यूजीसी बिल का विरोध हुआ था। इस दौरान लंबा जुलूस भी निकाला गया था। इसमें शामिल छात्रों के मामले में जांच समिति गठित की गई थी। अब 11 फरवरी को शाम पांच बजे मुख्य आरक्षण अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर अपना लिखित बयान दर्ज कराने को कहा गया है।
नोटिस जारी होने के बाद छात्रों में प्रशासन को लेकर आक्रोश फैल गया है। छात्रों का कहना है कि इस लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना भी अब अपराध हो गया है। क्या विवि प्रशासन उनकी बात को रोक सकता है। डॉ. मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 का आजीवन विरोध होगा। यह आंदोलन सड़क से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक जारी रहेगा, जब तक इस रेगुलेशन की विसंगतियों को दूर कर सामान्य वर्ग के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त नहीं किया जाता।