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बीएचयू प्रोफेसर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, अगली सुनवाई छह अक्तूबर को, जानिए मामला

Sun, 19 Sep 2021 01:15 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू के असिस्टेंट प्रोफेसर  ने 28 जनवरी 2019 को दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि जब वह क्लास ले रहे थे तब अज्ञात 10-15 छात्रों ने जातिसूचक शब्दों के बीच हमला किया। घटना के लिए उन्होंने डॉ. जोशी पर आरोप लगाया था। 
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विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी की अदालत ने जारी किया वारंट - फोटो : Social Media
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विस्तार
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू)  समाज शास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरविंद कुमार जोशी के खिलाफ दर्ज एससी-एसटी के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी की अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने यह आदेश तलब किए जाने के बावजूद हाजिर नहीं होने पर जारी किया। 

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यूनिवर्सिटी के ही असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनोज वर्मा ने 28 जनवरी 2019 को दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि जब वह क्लास ले रहे थे तब विभागाध्यक्ष के कमरे में पहले से बैठे अज्ञात 10-15 छात्रों ने जातिसूचक शब्दों के बीच हमलाकर कर दिया। उन्होंने घटना को लेकर डॉ. जोशी की साजिश में किये जाने का आरोप लगाया।

मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी सत्येन्द्र तिवारी ने की और डॉ. जोशी समेत पांच के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया और 10 के खिलाफ विवेचना जारी रही। इस बीच प्रकरण में हाइकोर्ट ने 20 जनवरी 20 को स्थगन आदेश दिया था।
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इस बीच छह माह बाद स्थगन आदेश के स्वत: समाप्त माने जाने संबंधी हाइकोर्ट के आदेश के बाद अदालत ने आरोपी जोशी को सम्मन के जरिये तलब किया, नहीं आने पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए सुनवाई की तिथि छह अक्तूबर की तिथि नियत कर दी।

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मौत के 24 साल बाद घर पहुंचा शमन

फूलपुर के पूर्व ग्राम प्रधान आशा प्रसाद जायसवाल की 24 साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 24 साल बाद पुलिस ने मुकदमे के तहत शनिवार को परिवार को न्यायालय का शमन तामिल कराया। यही नहीं, जिस तिथि पर मुकदमे की सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश होना था, वह तिथि बीतने के बाद पुलिस शमन लेकर घर पहुंची।

 पूर्व प्रधान आशा प्रसाद जायसवाल 24 साल पहले अपनी कपड़े की दुकान पर बैठे थे, तभी बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस मामले में मुकदमा न्यायालय में चल रहा था। इधर कई साल तक मुकदमे में कोई कार्यवाही नहीं हुई थी लेकिन अचानक दो दशक के बाद फूलपुर थाने की पुलिस दोपहर में पूर्व प्रधान के घर फूलपुर गांव पहुंची और परिजनों को शमन तामिल कराने लगी। पूर्व प्रधान के बेटे जितेंद्र जायसवाल का आरोप है कि तिथि बीतने के बाद पुलिस शमन लेकर आई और जबरदस्ती तामिल कराया।
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