रोप-जाम से मुक्ति के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना फिलहाल धरातल पर उतरती नजर नहीं आ रही है। वीडीए की ओर से जारी की गई निविदा में कोई भी फर्म या संस्था ने प्रतिभाग नहीं किया जिससे अब नए साल में रोप-वे निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल, निविदा में किसी फर्म के बीड नहीं करने की स्थिति में वीडीए प्रशासन ने टेंडर की तिथि बढ़ाकर उसे 31 दिसम्बर तक कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परियोजना की आधारशिला नए साल में रखेंगे।
वाराणसी विकास प्राधिकरण की ओर से रोप-वे के लिए जारी निविदा 18 दिसंबर को खुलनी थी जो नहीं खुल सकी थी। बाद में निविदा खोलने की तिथि 24 दिसंबर कर दी गई। रोप-वे की स्थापना के लिए पीपीपी माडल पर निविदा जारी की गई है। 3.65 किमी की प्रस्तावित इस परियोजना पर 410 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसमें 40 प्रतिशत धनराशि केंद्र व राज्य मिलकर करेंगे बाकी 60 प्रतिशत कंपनी करेगी। राज्यांश एक बार देय होगा। प्रस्तावित रूट गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन के मध्य है। कुल लंबाई 3.65 किमी है। कुल केबल ट्राली कार 220 होगी। भू-स्तर से 11 मीटर ऊंचाई पर प्रत्येक स्टेशन होंगे। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि निविदा की तिथि बढ़ाई गई है।