लोगों का आरोप है कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित प्रक्रिया से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की कोशिश करता है, तो उसे महीनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। खोजवा निवासी विजय प्रजापति ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था और लर्निंग लाइसेंस बन गया, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ाई गई। वहीं, छित्तूपुर निवासी शनि विश्वकर्मा ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद अब तक उनका ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं हुआ।
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केस-1 : करौंदी आरटीओ कार्यालय
- रिपोर्टर : नया डीएल बनवाना है।
- दलाल : केवल फॉर्म भरना है या डीएल बनवाना है।
- रिपोर्टर : डीएल बनवाना है।
- दलाल : 4500 रुपये लगेगा, डीएल घर पहुंच जाएगा। लर्निंग तुरंत दे देंगे।
- रिपोर्टर : बिना परीक्षा दिए डीएल बन जाएगा?
- दलाल : हां, एक महीने बाद आना होगा।
केस-2 : चौकाघाट सांस्कृतिक संकुल
- रिपोर्टर : बाइक और कार दोनों का डीएल बनवाना है।
- दलाल : 4000 रुपये लगेंगे।
- रिपोर्टर : क्या प्रक्रिया रहेगी?
- दलाल : आधार कार्ड लेकर आ जाइए, बाकी बात वहीं होगी।
केस-3 : साइबर कैफे संचालक
- रिपोर्टर : लर्निंग लाइसेंस कब मिलेगा?
- दुकानदार : 500 रुपये में बन जाएगा, लेकिन परीक्षा खुद देनी होगी।
- रिपोर्टर : परीक्षा भी आप करा देंगे?
- दुकानदार : नहीं, उसके लिए अंदर कई दलाल घूमते हैं, किसी से बात कर लीजिए।
करौंदी आरटीओ कार्यालय में बने लर्निंग लाइसेंस परीक्षा कक्ष में बैठे बाबू से पूछा गया कि नया डीएल बनवाने के लिए क्या करना होगा। इस पर उन्होंने बताया कि पहले ऑनलाइन आवेदन करिए, 29 दिन के बाद लर्निंग लाइसेंस बन जाएगा फिर परमानेंट लाइसेंस के लिए अप्लाई करना होगा। वहीं आरटीओ के आसपास मौजूद दलालों का दावा है पैसा देने पर तुरंत लर्निंग (लर्नर लाइसेंस) दे देंगे। लर्नर लाइसेंस एक अस्थायी दस्तावेज है जो सड़कों पर गाड़ी चलाना सीखने की अनुमति देता है।
क्या बोले अधिकारी
तय फीस से अधिक शुल्क नहीं लिया जाता है। यदि कोई ऐसा कर रहा है तो शिकायत के आधार पर जांच कराई जाएगी। -मनोज प्रसाद वर्मा, एआरटीओ (प्रशासन)