वाराणसी। नरोत्तमपुर नैपुरा कला की शिक्षिका निवेदिता सिंह की हत्या करने वालों की गिरफ्तारी की मांग लेकर मंगलवार की शाम परिजनों ने बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस के सामने सड़क पर शव रख कर जाम लगा दिया और नारेबाजी करने लगे। लंका इंस्पेक्टर ने बताया कि दो नामजद आरोपी सहित चार हिरासत में हैं और अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। इस पर सभी शांत हुए और शव लेकर हरिश्चंद्र घाट रवाना हुए। इस दौरान बीएचयू गेट से छित्तूपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।
लंका थाना अंतर्गत नरोत्तमपुर नैपुरा कलां में पति से अलग रह रही प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार से वार कर रविवार की रात ढाई बजे के लगभग हत्या कर दी गई थी। निवेदिता के पिता सुबोध ठाकुर की तहरीर पर पति शैलेंद्र सिंह, ससुर रामधनी सिंह, चचेरे देवर शैलेश सिंह सहित आठ लोगों के खिलाफ लंका थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शैलेश सिंह व उसकी पत्नी सहित अन्य दो लोगों को हिरासत में लिया है और चारों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अभिरक्षा में शैलेश की पत्नी बेहोश हो गई तो उसे अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। लंका इंस्पेक्टर भारत भूषण तिवारी ने बताया कि प्रकरण के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीम भिलाई और नई दिल्ली रवाना की गई है। सभी आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
एक व्यक्ति ने मारा, एक दिन पहले पति का मोबाइल बंद हुआ
लंका इंस्पेक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों और फोरेंसिक टीम के अनुसार निवेदिता के सिर, चेहरे, हाथ सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर चापड़ जैसे धारदार हथियार से वार किया गया था। वारदात में सिर्फ एक व्यक्ति शामिल था। इसी वजह से दोनों के बीच कमरे में जमकर संघर्ष हुआ। हत्या करने वाला छत के रास्ते से आया और उसी रास्ते से वापस हुआ। वहीं, शैलेंद्र का मोबाइल वारदात से एक दिन पहले 11 अगस्त की सुबह ही स्विच ऑफ हो गया था। जबकि इससे पहले उसका मोबाइल बीते तीन महीने में कभी स्विच ऑफ नहीं हुआ था। वहीं, घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज से पुलिस को कोई खास मदद नहीं मिली।
15 दिन पहले कॉल कर दामाद ने बेटी को दी थी धमकी
बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पर सुबोध ठाकुर ने बताया कि दामाद शैलेंद्र ने उनकी बेटी को 15 दिन पहले कॉल कर धमकी दी थी। उसका कहना था कि घरेलू हिंसा सहित अन्य आरोपों में दर्ज कराए गए मुकदमों को वापस ले ले, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। इसके बाद गालीगलौज करते हुए फोन काट दिया था।
सुबोध ठाकुर ने बताया कि उनकी बेटी को शैलेंद्र के साथ ही शैलेश का बेटा कौशल भी प्रताड़ित करता था। भिलाई में निवेदिता की पिटाई कर शैलेंद्र उसे बाथरूम में बंद कर देता था या सड़क की ओर भगा देता था। शैलेंद्र को खुश करने के लिए उन्होंने टेंगरा मोड़ पर जमीन खरीदी और दो लाख रुपये दिए। मगर, एक दूसरी महिला के चक्कर में शैलेंद्र ने उनकी बेटी को प्रताड़ित करना नहीं छोड़ा। हद तो तब हो गई जब शैलेंद्र उस महिला को निवेदिता के सामने ही घर पर रखने लगा। प्रताड़ना और अपमान से आजिज आकर निवेदिता भिलाई से बनारस चली आई। यहां आने के बाद वह महेश नगर स्थित स्कूल में पढ़ाने के साथ ही बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती थी। उधर, नरोत्तमपुर नैपुरा कला के ग्रामीणों का कहना था कि रामधनी सिंह का परिवार संपन्न था। शैलेंद्र की गलत आदतों की वजह से परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है।