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Varanasi: नितेश हत्याकांड में सफेदपोशों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, CBCID नए सिरे से करेगी जांच

Wed, 21 Dec 2022 11:53 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में 30 सितंबर 2019 को सारनाथ थाने के हिस्ट्रीशीटर और ठेकेदार नितेश सिंह बबलू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन साल से अधिक समय बीत चुका, लेकिन नितेश हत्याकांड में अब तक वाराणसी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
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नितेश सिंह बबलू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी। सारनाथ थाने के हिस्ट्रीशीटर और बस संचालक नितेश सिंह बबलू की हत्या से जुड़े लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ेंगी। हाईकोर्ट ने नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं। इस हत्याकांड में पूर्वांचल के एक पूर्व बाहुबली सांसद, सत्ता पक्ष के विधायक और आजमगढ़ के सफेदपोश का नाम सामने आया था, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ सकी थी।

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शिवपुर सदर तहसील के सामने बुलेटप्रूफ एसयूवी में सवार होने के दौरान ही शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर बबलू की हत्या कर दी थी। तीन साल से अधिक समय बीत चुका, लेकिन बबलू हत्याकांड में अब तक वाराणसी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यही कारण रहा कि हाईकोर्ट ने इस केस की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दिया।

वन विभाग में थी नितेशी की ठेकेदारी

अब सीबीसीआईडी बबलू हत्याकांड की जांच करेगी। दरअसल, चंदौली के धानापुर थाना अंतर्गत ओदरा गांव के मूल निवासी नितेश सिंह बबलू सारनाथ के आशापुर में रहता था। बबलू के पिता वन विभाग से रेंजर पद से सेवानिवृत्त हैं। बबलू की वन विभाग में ठेकेदारी चलती थी। गाजीपुर-वाराणसी, सोनभद्र रूट पर सहेली नाम से बसें भी चलती थीं। वरुणा पार क्षेत्र में नितेश सिंह बबलू की हनक थी।

हत्याकांड का मुख्य शूटर डेढ़ साल बाद लखनऊ में हुआ था ढेर

30 सितंबर 2019 की दोपहर सदर तहसील से कामकाज निपटा कर नितेश अपने बुलेट प्रूफ वाहन में बैठने ही जा रहा था कि तभी उस पर शूटर गिरधारी और उसके साथी शूटर ने अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी। नितेश को कुल छह गोलियां लगी थीं। इसके बाद दोनों बदमाश आसानी से भाग निकले थे।

अत्याधुनिक लाइसेंसी असलहे से लैस रहने वाले बबलू को शूटरों ने संभलने का मौका तक नहीं दिया था। उस समय पुलिस की तफ्तीश में समाने आया था कि पूर्वांचल के एक पूर्व बाहुबली सांसद के करीबी चोलापुर के रहने वाले शूटर कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर उर्फ गिरधारी ने ही अपने चार साथियों के साथ मिलकर बबलू के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग की थी।

नीतेश सिंह बबलू और मऊ के गोहना पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में मुख्य शूटर रहे गिरधारी 15 फरवरी 2021 को लखनऊ में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था। गिरधारी पर वाराणसी पुलिस ने एक लाख का इनाम घोषित किया था।
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सफेदपोश के फ्लैट में ही ठहरा था शूटर

पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरधारी आजमगढ़ के एक सफेदपोश के शिवपुर स्थित फ्लैट में रुका था। नितेश की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर लंबे समय तक वायरल हो रही थी, जिसमें आजमगढ़ के उस सफेदपोश के अलावा अपराध की दुनिया से जुड़े पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के चर्चित चेहरे भी थे।
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