जमीन और टूर पैकेज, गोल्ड में निवेश के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी विकास सिंह और प्रबंधक प्रदीप यादव को तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भारतेंद्र सिंह की अदालत ने यह आदेश दिया है। रिमांड की अवधि शनिवार सुबह आठ बजे से शुरू होगी।
अदालत में आरोपियों के खिलाफ चेतगंज थाने के चार मामलों में दर्ज धोखाधड़ी मामले में विवेचक की ओर से आवेदन देकर कहा गया कि दोनों आरोपियों ने निवेश और सोने-चांदी के कारोबार, नीलगिरी कंपनी में निवेश करने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी करते हुए अकूत संपत्ति बनाई है। इससे संबंधित दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, लैपटॉप आदि को देश के कई शहरों रांची गिरीडीह, पटना, गया, अहमदाबाद आदि जगहों पर छिपाया गया है। ऐसे में आरोपियों के निशानदेही पर दस्तावेज बरामदगी के लिए एक सप्ताह के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिया जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों को तीन दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने का आदेश दिया।