नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी, एमडी और प्रबंधक जेल में बंद
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जमीन और टूर पैकेज के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में नीलगिरी इंफ्रासिटी पर जांच की कार्रवाई तेज हो गई है। मामले की जांच को लेकर गठित एसआईटी बृहस्पतिवार को चेतगंज थाने पर धमकी और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। कई पीड़ितों से फोन पर जानकारी ली। एसआईटी ने चेतगंज थाने की पुलिस को निर्देश दिया कि कंपनी से जुड़े लोगों की कुंडली खंगालने के साथ धमकी देने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
एसआईटी ने कंपनी के खाते सीज करने के साथ करीबियों के खाते की जानकारी जुटाने के लिए कहा। कुछ बिंदुओं पर अब तक काम नहीं होने पर एसआईटी ने लहुराबीर चौकी इंचार्ज पर नाराजगी भी जताई। वहीं कंपनी के खिलाफ शिकायती पत्र अब चेतगंज थाने पहुंच रहे हैं।
निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के आरोप में नीलगिरी इंफ्रासिटी कंपनी के सीएमडी विकास सिंह, पत्नी एमडी ऋतु सिंह और कंपनी के प्रबंधक प्रदीप यादव जिला जेल में 31 अगस्त से बंद हैं। जेल में कंपनी के सीएमडी और एमडी से मिलने वालों पर भी एसआईटी की नजर है। सीएमडी-एमडी से मिलने वालों की सूची तलब की गई है। पुलिस जल्द ही उनके पूछताछ कर सकती है।
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धोखाधड़ी के पीड़ितों को धमका रहे नीलगिरी इंफ्रासिटी के गुर्गे, चेतगंज थाने में पहुंची शिकायत
एसआईटी में शामिल एडीसीपी वरुणा जोन प्रबल प्रताप सिंह, एसीपी चेतगंज अनिरुद्ध कुमार, चेतगंज इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता से एसआईटी ने बातचीत की। एसआईटी के अनुसार एक-दो साल में कितने करीबियों के बैंक खाते में नीलगिरी इंफ्रासिटी कंपनी के खाते से लेनदेन हुआ, यह जानकारी जुटाई जा रही है। एडीसीपी वरुणा जोन प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि पीड़ितों से बातचीत कर कंपनी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद करीबियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई शुरू करेगी।
पिछले दस दिनों में 25 से अधिक मुकदमे दर्ज
पिछले दस दिनों से चेतगंज थाने में नीलगिरी इंफ्रासिटी से जुडे़ मामले सबसे अधिक आ रहे हैं। कई पीड़ितों ने शिकायती पत्र दिया है। चेतगंज थाने में पिछले दस दिनों में कंपनी के खिलाफ 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हुए। वहीं, चंदौली, गाजीपुर में भी धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं।