बीएचयू के मधुबन में प्रेसवार्ता के दौरान आकांक्षा ने बताया कि एनआईए की टीम ने माओवादी होने शक पर हमारे सामान, कमरे, लैपटॉप व मोबाइल आदि को सर्च करने का एक वारंट दिखाया। हमने वारंट पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने हमारे मोबाइल फ्लाइट मोड में डाल कर आईटी एक्सपर्ट को दे दिया। दो सिम, एसडी कार्ड भी साथ ले गए।
पूरी आशंका है कि एनआईए मोबाइल फोन में कुछ छेड़छाड़ कर सकती है और कुछ इम्प्लांट कर सकती है। जैसा उन्होंने भीमा कोरेगांव केस में किया। कमरे से डायरी, कॉपी, किताब की जांच करने के साथ ही आधार कार्ड की फोटो भी साथ ले गए।