नई दिल्ली-वाराणसी नई वंदे भारत एक्सप्रेस पहली बारिश भी झेल नहीं सकी। बारिश होने पर सी-6 कोच की छत से पानी टपकने से यात्री भीग गए। परेशान यात्रियों को प्रयागराज के बाद वाराणसी कैंट तक अपनी सीट छोड़ खड़े होकर सफर करना पड़ा।
इस असुविधा से परेशान यात्री ने कोच के अंदर की तस्वीरें और वीडियो एक्स पर साझा कर रेल मंत्री, रेल मंत्रालय समेत लखनऊ डीआरएम से इसकी शिकायत की है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
22415 नई दिल्ली-वाराणसी एक्सप्रेस सोमवार की रात कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची तो यात्रियों ने डिप्टी एसएस कार्यालय के समक्ष व्यवस्था पर नाराजगी जताई। सी-6 कोच में नई दिल्ली से वाराणसी तक सफर कर रहे शमीम रिजवी ने एक्स पर रात 10 बजे ट्वीट किया कि बारिश का पानी टपकने से असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
रेल मंत्री, रेल मंत्रालय और लखनऊ डीआरएम अन्य को ट्वीट करते हुए कहा कि यही वंदे भारत की स्थिति है, यह कोच झरना बन गया है। छत से टपकते पानी से बचने के लिए प्रयागराज के बाद वाराणसी तक खड़े होकर सफर करना पड़ा। लगेज तक भीग गए। सीट भी पूरी तरह से भीग गई।
अन्य सह यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अन्य यात्रियों ने बताया कि क्रू मेंबर्स से भी शिकायत की गई लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। इस दुर्व्यवस्था से खफा रेल यात्री शमीम रिजवी ने एक्स पर कहा कि रेलवे सचमुच अपने सबसे बुरे हालात से गुजर रही है।
दिसंबर 2023 में शुरू हुई थी नई वंदे भारत एक्सप्रेस
22415/22416 नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। पहली बारिश भी यह ट्रेन नहीं झेल सकी।
कोच से पानी टपका नहीं बल्कि झरने की तरह यात्रियो के ऊपर गिरता रहा। इसके पूर्व भी इस ट्रेन में शिकायतें मिलती रहीं हैं। एसी कूलिंग में कमी, वाशरूम, खानपान की गुणवत्ता आदि शिकायतें आती रहती हैं।
राजस्व मामलों के निस्तारण में गंभीरता नहीं बरतने वाले अफसरों पर हो कार्रवाई : डीएम
डीएम एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में मंगलवार को राजस्व वादों के निस्तारण के संंबंध में बैठक हुई। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के निस्तारण में गंभीरता नहीं बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि 3-5 पांच साल से अधिक पुराना कोई मामला नहीं होना चाहिए। अफसरों को यह भी निर्देश दिए कि फोन कॉल जरुर रिसीव करें।
डीएम ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, नाले-नालियों, रास्ते- चकरोड पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटवाने की कार्यवाही करें। समस्त राजस्व अधिकारी अपने अधीनस्थों के साथ नियमित बैठकें कर समीक्षा करें।
उन्होंने प्रत्येक तहसील में खंड विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारी की टीम बनाकर प्रधानमंत्री आवास योजना के भूमि से संबंधित विवादों को मौके पर जाकर निस्तारित कराने के लिए निर्देशित किया।