वाराणसी के गंगा घाटों पर बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए खोदी गई नहर से निकले खनिज के उठान में खनन विभाग की लापरवाही उजागर हुई है। खनन के टेंडर के बाद से खान अधिकारी ने तो खनिज के उठान का आंकलन किया और ना ही मौके पर जाकर देखने की जहमत उठाई।
यही कारण है कि खनन की अवधि में एक भी निरीक्षण नोट नहीं है। इसके साथ ही टेंडर वाली फर्मों से वाहनों की सूची भी नहीं ली जिससे उनके परिवहन की जांच कराई जा सके। फिलहाल जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने गंगा पार इलाके में खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी है और अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर खनन क्षेत्र के आंकलन की रिपोर्ट मांगी है।
खनिज उठान के नाम पर अवैध खनन
गंगा पार इलाके में करीब सात किलोमीटर लंबी नहर की खोदाई में खनिज के सात लॉट बनाए गए और सात फर्मों को इसका टेंडर दिया गया। जुलाई से शुरू हुए टेंडर में दिसंबर तक पांच फर्मों ने मनमाने तरीके से खनिज उठान के नाम पर अवैध खनन किया।
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