चुनाव आयोग ने वोटरों को लुभाने वालों पर अंकुश लगाने के लिए कैश लाने-ले जाने की सीमा तय कर दी है। ऐसे में अगर बड़ी रकम लेकर कहीं जा रहे हैं तो सावधान रहें। कागजात नहीं दिखा सके तो रकम जब्त कर ली जाएगी।
यूपी में आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ वाराणसी में पुलिस और प्रशासन की टीमों ने निगरानी बढ़ा दी है। मतदाताओं को लुभाने वालों पर अंकुश लगाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा नकद ले जाने की सीमा भी तय की गई है। बिना कागजात के 50 हजार रुपये से ज्यादा की नकद लेकर जाने वाले मुसीबत में फंस सकते हैं।
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अगर इस रकम से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा पाए तो उनका कैश जब्त भी कर लिया जाएगा। दरअसल, वाराणसी के आठ विधानसभा क्षेत्रों में आठ-आठ घंटों के लिए अलग-अलग उड़नदस्तों की तैनाती कर दी गई है। सहायक निर्वाचन अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि कोई भी शख्स बिना दस्तावेज 50 हजार से अधिक रकम लेकर नहीं चल सकता है।
इसकी निगरानी के लिए पुलिस और स्क्वायड टीमें लगाई गई हैं। अगर रकम 10 लाख से कम है तो पुलिस कैश जब्त कर कलेक्ट्रेट कोषागार के हवाले कर देगी। यहां बता दें कि वाराणसी में उड़नदस्ते की जांच में बिना मुद्रक व प्रकाशक के पंपलेट के तीन मामले पकड़े जा चुके हैं।
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार अगर 50 हजार से ज्यादा नकद पर लेनदेन के दस्तावेज रखने होंगे। दस्तावेज सही पाए जाने पर रकम जब्त नहीं की जाएगी। अगर, नकद 10 लाख से ज्यादा होगी तो आयकर विभाग इसकी जांच करेगी।