महाकुंभ से पहले वाराणसी को एक और नई वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिलेगी। बंगाल-प्रयागराज वाया वाराणसी के बीच रूट संभावित है। गंगा सागर और संगम के बीच वंदे भारत के संचालन से तीर्थ यात्रियों को काफी सुविधा होगी। नई वंदे भारत की आठ कोच का रैक कैंट रेलवे स्टेशन के गूलर यार्ड में खड़ा है।
चार अगस्त से ही इस कोच को आरपीएफ की निगरानी में रखा गया है। रेल अधिकारियों के अनुसार पितरों के तर्पण के लिए गंगा सागर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस नई ट्रेन के संचालन से काफी सुविधा होगी। यूपी, बिहार-झारखंड से बड़ी संख्या में लोग गंगा सागर जाते हैं। वहीं, महाकुंभ के दौरान बंगाल और संगम का जुड़ाव भी नई ट्रेन के जरिये आसान होगा।
रेलवे बोर्ड की ओर से इस रूट का परीक्षण कराया जा रहा है। सितंबर माह में ही इस ट्रेन के नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है। वाराणसी से चार वंदे भारत ट्रेनें इस समय चल रही हैं। वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर दो और रांची-वाराणसी और पटना-लखनऊ वाया अयोध्या रूट पर एक-एक वंदे भारत ट्रेन का संचालन हो रहा है। बंगाल-वाराणसी रूट पर यह पांचवीं ट्रेन होगी।