बीएचयू के सयाजी राव गायकवाड़ केन्द्रीय ग्रंथालय एवं एल्सेवियर के संयुक्त तत्वावधान से शोधकर्ताओं को नए तरीकों और तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही प्रभावी प्रकाशन के लिए आवश्यक कौशल देने के लिए कार्यशाला भी हुई। कार्यशाला का शीर्षक एआई युग में प्रकाशन: सत्यनिष्ठा, कौशल और सामान्य कमियां था। कृषि विज्ञान संस्थान में शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में कार्यशाला हुई। इसका केंद्र बिंदु रिसर्च इंटेग्रिटी, प्रकाशन नैतिकता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग, पांडुलिपि तैयारी तथा उच्च गुणवत्ता वाली शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन के लिए प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा की गई। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अनुसंधान की गुणवत्ता में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन इसे और सुदृढ़ करते हुए सभी विषयों के शोधार्थियों एवं शिक्षकों के लिए सर्वोत्तम केंद्र बनने की दिशा में निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने संकाय एवं विभाग स्तर पर शोध के मूल्यांकन की आवश्यकता पर चर्चा की, जिससे सभी विषयों में गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन सुनिश्चित हो सके।
दक्षिण एशिया से कस्टमर सक्सेस मैनेजर ऐश्वर्या नायलने संस्थान के उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान मंच तथा स्कोप से संबद्ध उपकरणों की जानकारी दी। प्रश्नोत्तर सत्र में विभिन्न संकायों के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संयोजन डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जवाहर लाल ने किया। डॉ. राखी गुप्ता, प्रो. बिंदा डी परांजपे ने सवालों जवाब दिए।