चंदौली के पीडीडीयू नगर निवासी अविनाश तिवारी उर्फ सोनू ने बताया कि ओएलएक्स पर उन्होंने एक बाइक का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन पोस्ट करने वाले को उन्होंने फोन किया। कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को सैन्य कर्मी बताया और कहा कि उसका तबादला 39 जीटीसी से पंजाब के लिए हो गया है। इसलिए वह अपनी बाइक 30 हजार रुपये में बेच कर जाना चाहता है।
बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा तो विज्ञापन पोस्ट करने वाले ने उन्हें बाबतपुर एयरपोर्ट बुलाया। इसके साथ ही बाइक दिखाने के लिए तीन हजार रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर कराया। फिर, गेट पास बनवाने के नाम पर पांच हजार रुपये लिया और फिर तीन हजार रुपये और लिया। इसके बाद कॉल रिसीव करना ही बंद कर दिया।
सुसुवाही क्षेत्र निवासी सुरेंद्र नारायण शर्मा ने अपना फ्लैट किराये पर देने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था। उनके पास खुद को सैन्य कर्मी बताते हुए एक व्यक्ति ने फोन किया और कहा कि उसकी पोस्टिंग कश्मीर में है। बच्चों को पढ़ाने के लिए परिवार बनारस में रखना चाहता है। बात तय हुई तो उसने कहा कि हमारे खाते में एक रुपये ट्रांसफर कर दें ताकि एडवांस भेज सकूं। सुरेंद्र नारायण ने एक रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया तो कुछ देर बाद तीन बार में उनके खाते से 90 हजार रुपये कट गए।
सारनाथ स्थित साइबर क्राइम थाने में पांच लाख से ज्यादा की धोखाधड़ी के आरोप में इस साल एक जनवरी से अब तक 22 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इन 22 पीड़ितों से सवा दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम धोखाधड़ी कर हड़प ली गई। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने लगभग 20 रुपये होल्ड कराए और लगभग 15 लाख रुपये वापस कराया। वहीं, कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों में आए दिन साइबर क्राइम के मुकदमे दर्ज होते ही रहते हैं।
साइबर क्राइम एक्सपर्ट श्याम लाल गुप्ता ने कहा कि इंटरनेट पर लोक-लुभावने ऑफर देखें तो सबसे पहले यह सोचें कि आखिरकार सामने वाला हम पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहा है? हमारी सतर्कता ही सुरक्षा का अचूक उपाय है। साइबर क्राइम का शिकार होने पर जितना जल्दी 1930 नंबर पर सूचना देंगे, उतना ज्यादा पैसा वापस होने की संभावना रहती है।