अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने कहा कि नए कानून में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का अपराध अब संज्ञेय अपराध की श्रेणी में कर दिया गया है। इसलिए पुलिस अब बगैर वारंट के ही आरोपी को गिरफ्तार कर सकेगी। हालांकि सजा का प्रावधान पहले की ही भांति 10 वर्ष तक और जुर्माने का है।
अधिवक्ता वरुण ने बताया कि नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद किसी अपराध में बालक को शामिल कराने वाले को तीन से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। छोटी आपराधिक घटनाएं जिनमें तीन वर्ष से कम की कैद का प्रावधान है, उनका आरोपी यदि 60 वर्ष से अधिक उम्र का है या गंभीर रूप से बीमार है तो उसकी गिरफ्तारी के लिए डिप्टी एसपी या उससे सीनियर अफसर की अनुमति लेनी होगी। एक से अधिक बार चोरी करने वाले को पांच वर्ष तक की कैद का प्रावधान किया गया है।