इसको देखते हुए सदियों पुरानी गुरुकुल पद्धति के अनुसार इस व्यवस्था को लाने की तैयारी शासन स्तर से की जा रही है। विद्यार्थियों के साथ शिक्षक भी इसमें पूरी सहभागिता निभाएंगे। वे विद्यार्थियों को सिर्फ साफ-सफाई का अभ्यास ही नहीं कराएंगे, बल्कि उनका नेतृत्व कर उन्हें प्रेरित और जरूरत पर मार्गदर्शन कर खुद भी सफाई करेंगे।