लखनऊ में हुई बैठक से लौटने के बाद मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को नए सिरे से तैयारी का निर्देश दिया। यहां बता दें कि रोपवे की निविदा नवंबर 2021 में जारी की गई थी, मगर पांच महीने की मशक्कत के बाद एक भी कंपनी ने इसमें रूचि नहीं दिखाई। इसके बाद वैपकॉस की जगह पर शासन ने नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी को परियोजना का पथप्रदर्शक की जिम्मेदारी सौंपी है।
रेलवे स्टेशन परिसर से जुड़ेगा रोपवे
नए डीपीआर के आधार पर रोपवे परियोजना को कैंट स्टेशन परिसर से सीधा जुड़ाव किया जाएगा। इसमें रेल से आने वाले यात्री आसानी से रोपवे तक पहुंच पाए इसके लिए अंडर पास से लेकर कई और सुझाव भी दिए गए हैं। फिलहाल एक सप्ताह में इस परियोजना के डीपीआर पर अध्ययन के बाद निविदा जारी करने की तैयारी है।
लखनऊ में हुई बैठक में रोपवे परियोजना पर लंबी चर्चा हुई है और 20 मई तक इसके आरएफपी जारी करने की तैयारी है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी पूरी परियोजना में पथ प्रदर्शक की भूमिका में है। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त