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Gyanvapi: श्रृंगार गौरी मूल वाद की सुनवाई इस दिन करेंगे नए जिला जज, व्यासजी के तहखाने से भी जुड़ा है मामला

Thu, 18 Apr 2024 08:32 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Gyanvapi: जिस एएसआई सर्वे में कथित शिवलिंग और अन्य देवी देवताओं के विग्रह मिले है, उस रिपोर्ट पर विपक्षी अंजुमन इंतजामिया की तरफ से दाखिल आपत्ति पर भी सुनवाई होनी है। श्रृंगार गौरी के इसी मूल वाद में समाहित अन्य सात वादों पर भी सुनवाई होनी है। नए जिला जज के कार्यभार संहालने के बाद ज्ञानवापी से जुड़े सभी वादों की सुनवाई तेज होने के आसार है।
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मां श्रृंगार गौरी मूल वाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी से जुड़े मां श्रृंगार गौरी मूल वाद की सुनवाई लगभग ढाई माह बाद नवागत जिला जज संजीव पांडेय की अदालत में शुक्रवार को होगी। 

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वादिनी राखी सिंह के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने आवेदन में कहा हैं कि ज्ञानवापी परिसर के बंद तहखानों का एएसआई से वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए। अधिवक्ता के माध्यम से राखी सिंह 5 फरवरी को ज्ञानवापी परिसर के बंद तहखानों के एएसआई सर्वे हेतु आवेदन जिला जज की अदालत में दायर किया गया था।
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कहा गया है कि ज्ञानवापी परिसर का धार्मिक चरित्र निर्धारित हो सके इसके लिए वर्तमान ढांचे के नीचे बंद तलगृहों की एएसआई से वैज्ञानिक सर्वे आवश्यक है। इसके आलावा विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी की तरफ से दिया गया। एक आवेदन विचाराधीन है, जिसमें व्यासजी के जिस तहखाने को खोलकर पूजा-पाठ की अनुमति दी गई है उसका छत जर्जर होने के कारण उस पर मुस्लिमों के नमाज पढ़ने और चहल कदमी पर रोक लगाने की मांग की गई है।

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