मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार बौद्ध व रामायण सर्किट की योजना को आगे बढ़ाने के लिए एक और अध्यात्म और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही साथ विकास की गति में भी तेजी लाई जा सकती है।
उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि अगर हम मिलकर आगे बढ़ेंगे, तो दोनों देश अपने नागरिकों के आस्था व विकास तथा रोजगार की संभावना पर कार्य कर सकते हैं। बैठक से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को गुलाबी मीनाकारी से निर्मित गणेश जी की प्रतिमा एवं सिल्क का दुपट्टा और उनकी धर्मपत्नी आरजू राणा देउबा को बनारसी सिल्क की साड़ी भेंट कर स्वागत किया।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने बाबा विश्वनाथ दरबार में नवाया शीश
- फोटो : अमर उजाला
नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा ने कहा कि बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन पाकर धन्य गया। बाबा के धाम की भव्यता ने मन मोह लिया। काशी से नेपाल का पौराणिक काल से रिश्ता है और बाबा से कामना है कि यह अनंत काल तक अनवरत चलता रहे।
प्रधानमंत्री के आगमन पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और डमरू वादन कर उनका स्वागत हुआ। सबसे पहले गर्भगृह में जाकर बाबा श्री काशी विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन किया। दर्शन-पूजन करने के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंगवस्त्रम रुद्राक्ष की माला, प्रसाद के साथ स्मृति चिन्ह के रूप में बाबा श्री काशी विश्वनाथ की एक रेप्लिका भेंट की।
इसके बाद प्रधानमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम से होते हुए ललिता घाट स्थित पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पशुपतिनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। पीएम अपने साथ बनारस का गंगाजल भी लेकर गए। नेपाल के प्रधानमंत्री का बाबतपुर एयरपोर्ट से लेकर शहर के विभिन्न रूटों पर भव्य स्वागत किया गया।
पशुपतिनाथ मंदिर में किया वृद्ध आश्रम का भूमि पूजन
- फोटो : अमर उजाला
नेपाल के प्रधानमंत्री ने पशुपतिनाथ मंदिर में बनने वाले वृद्ध आश्रम का भूमि पूजन किया। पशुपतिनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष स्वामी ओंकारानंद, महासचिव डॉ. गोपाल प्रसाद अधिकारी और मैनेजर रोहित कुमार ने अंगवस्त्रम और प्रसाद भेंट किया। नेपाल के प्रधानमंत्री ने वृद्ध आश्रम में रह रही महिलाओं और विद्यार्थियों से कुशल क्षेम पूछा और मंदिर में सरकार की ओर से सुविधाओं को बढ़ाने का आश्वासन दिया।