उम्मीद है कि 2024-25 से चार साल के कार्यक्रम को लागू करने के लिए हम तैयार होंगे। वोकेशनल कोर्सेज में मल्टीलेवल एंट्री व एक्जिट लागू हो चुका है। ट्रांस-डिसिप्लिनरी रिसर्च प्रमोशन स्कीम नाम से एक नई पहल शुरू की है जो उत्साहवर्धक फंडिंग के अवसर प्रदान करती है। विश्वविद्यालय ने बहु-विषयक विषयों में नौ स्नातकोत्तर और दो डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अतिरिक्त विवि खुद और एनपीटीईएल पर 457 कोर्सेज चला रहा है। वर्तमान में 15 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ करार है। प्रो. सिंह ने बताया कि जल्द ही बीएचयू में एक अत्याधुनिक रत्न परीक्षण सुविधा शुरू कर रहे हैं, जो उद्योग-संस्थान सहयोग का एक शानदार उदाहरण होगा।
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन बताया कि एनईपी-2020 के कार्यान्वयन का उद्देश्य छात्रों को नौकरी करने वालों की बजाय समग्र शिक्षा के माध्यम से नौकरी निर्माता बनाने के भारत सरकार के दृष्टिकोण के साथ जुड़ा हुआ है। छात्र सेमेस्टर ड्रॉप के दौरान भी क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं। इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री छात्रों को मूल विषय में बीटेक और नए विषय में एमटेक के लिए चार साल के बाद विषय बदलने की अनुमति देगा। प्रो. जैन ने कहा कि छात्र एक साथ दूसरी डिग्रियां भी ले सकें, इस पर काम किया जा रहा है।
छात्र किसी कंपनी से जुड़ने के लिए किसी कोर्स प्रोग्राम को छोड़ते हैं तो उन्हें उसी शहर के संस्थान के किसी कोर्स में एडमिशन दिलवा दिया जाएगा। ऑनलाइन मोड में भी कोर्सेज को पूरा कर सकते हैं। आईआईटी गुवाहाटी के साथ कुछ नए डुअल डिग्री का ज्वाइंट प्रोग्राम लागू करने जा रहे हैं। एक छात्र को एक साथ दो डिग्री करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। इंडस्ट्री में काम कर रहे लोगों को संस्थान में लेकर आ रहे हैं। एल्यूमनाई फैकल्टी प्रोग्राम लागू किया है। स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर को एल्यूमनाई ने स्पॉन्सर किया है।