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आरटीई में बच्चों की न फीस मिली, न ही सालाना खर्च

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आरटीई के तहत वित्तविहीन विद्यालयों में दाखिला लेने वाले छात्रों की न स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति मिली है न अभिभावकों को पांच हजार रुपये सालाना खर्च की धनराशि। इसको लेकर बुधवार को वित्तविहीन प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूल एकता मंच के लोगों बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। इसके बाद सदस्यों ने एससीईआरटी के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह को संबोधित बीएसए को ज्ञापन सौंपकर जल्द फीस प्रतिपूर्ति की रकम दिलवाने की मांग की है।
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अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने बताया कि निशुल्क शिक्षा अधिकार कानून के अंतर्गत वित्तविहीन स्कूलों ने गरीब बच्चों का प्रवेश लिया था। विद्यालयों ने उसी आधार पर बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों की व्यवस्था की थी। लेकिन सरकार द्वारा सत्र 2016-2017 से लेकर 2020-21 तक की न ही शुल्क प्रतिपूर्ति भेजी। न गरीब बच्चों को वितीय सहायता। महामंत्री सुनील कुमार सोनकर ने बताया कि मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था। दो नवंबर को जिलाधिकारी ने इसको लेकर अपर मुख्य सचिव बेसिक को पत्र लिखा था। लेकिन आज तक उस पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में पंकज मौर्य, जयेंद्र मौर्या सहित अन्य अभिभावक मौजूद रहे।
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