जिला सहकारी संघ से जुड़ी 16 सहकारी समितियां कई वर्षों से बिना बैंक खाते और ऑडिट के ही कागजों में चल रहीं हैं। ज्यादातर समितियों में दर्ज पते पर भी उनका कोई अता पता नहीं है। आयुक्त और निबंधक सहकारिता ने जांच कर इन 16 समितियों को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।सहकारिता मंत्रालय की पहल पर जिला सहकारिता संघ से जुड़ी समितियों की जांच कराई जा रही है, ताकि फर्जी तरीके से चल रही समितियों को समाप्त कराया जा सके। संघ के चुनाव में सक्रिय 26 समितियों को जांच के दायरे में रखा गया है। जांच के दौरान 16 समितियां ऐसी पाई गईं जिसमें समिति अपने निबंधित पते पर नहीं मिलीं और उसका कोई अस्तित्व भी नहीं मिला। इन समितियों से संघ के कई पूर्व अध्यक्ष भी जुड़े हैं। ऐसे में इन्हें समितियों की मान्यता समाप्त करने के लिए परिसमाक नियुक्त कर दिया गया है। जिला सहकारी संघ का चुनाव पूर प्रदेश में कराया जा चुका है, मगर वाराणसी में समितियों की जांच के चलते यहां चुनाव प्रस्तावित है। समितियों की जांच पूरी होने के बाद नवंबर में संघ का चुनाव कराया जा सकता है।
पूर्व अध्यक्ष के परिवार के 14 सदस्य एक ही समिति में
आवास एवं विकास परिषद से जुड़ी गांधी गृह निर्माण सहकारी आवास समिति जिला सहकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद राय के पते पर दर्ज है। इस समिति में मतदाता के रूप में पति, पत्नी, मां एवं साथ रह रहे पुत्र, पिता, आदि भी मतदाता हैं। जांच में पाया गया कि इस समिति के अध्यक्ष संघ के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद राय हैं। इसके साथ ही उनके बेटे अभय कुमार राय, पुत्रवधु रागिनी राय सहित अन्य परिवार के सदस्य ही शामिल हैं। इस समिति की जांच कराई जा रही है।
वर्जन
मंडलीय स्तर पर समितियों की जांच कराई जा रही हैं। नियम विरुद्ध रूप से गठित और संचालित समितियों का पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। - सौमी सिंह, उप सहायक आयुक्त निबंधन