मीटर रीडर ने बिल्ड यूनिट 35 के सापेक्ष 9 लाख 40 हजार का गलत बिल डिमांड भर दिया। जिससे बिल की राशि अधिक हो गई थी। निर्धारित तिथि तक इस बिल का भुगतान न करने पर एसडीओ ने बिना जांच के ही धारा-3 के तहत नोटिस जारी कर दिया। देवरिया के गांव निवासी उपभोक्ता ने मामले की शिकायत डीएम आशुतोष निरंजन से की। जांच हुई तो बिजली महकमे की हैरान करने वाली कारगुजारी सामने आई। डीएम के आदेश पर शनिवार को नया बिल जारी किया गया है।
देवरिया का यह मामला सिर्फ वानगी भर है। वाराणसी समेत अन्य जिलों में भी आए दिन फॉल्स बिलिंग से उपभोक्तओं के दिल की धड़कनें बढ़ती जा रही है। किसी का एक कमरा तो किसी का दो कमरे की मकान है और कई सालों पहले कनेक्शन लिया था।
इनका बिजली का बिल माह में दो से तीन सौ रुपए आना चाहिए था, लेकिन बिजली बिल बनाने वाली एजेंसी की लापरवाही से करोड़ों और लाखों रुपये के बिल इनके पास पहुंच गए है। इन उपभोक्ताओं को नोटिस भेजकर रकम जमा करने को कहा जा रहा है।
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