नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की ओर से मेडिकल कॉलेजों में आधार बेस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य किया गया है, लेकिन इसका पालन नहीं हो पा रहा है। निदेशक कार्यालय पर अटेंडेंस मशीन लगी है, लेकिन बीएचयू अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी में कई जगहों पर लाख प्रयास के बाद मशीन नहीं लग सकी है। एनएमसी ने मानक का पालन न करने पर 12 लाख का जुर्माना लगाया है।
आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने जांच करवाई तो गड़बड़ी सामने आई। अस्पताल, सुपरस्पेशियलिटी है। ब्लॉक के साथ ही कई विभागों में अब तक मशीन ही नहीं लगी है। कुछ जगहों पर है तो आधार बेस्ड डिटेल ही नहीं दर्ज हैं।
दरअसल, प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को एमबीबीएस की सीटों पर दाखिले से पहले एनएमसी से मान्यता लेनी होती है। इस बार एनएमसी की टीम ने कॉलेजों का निरीक्षण किया तो निर्धारित प्रारूप पर बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं मिली। इसी तरह अन्य कई तरह की कमियां पाई गईं।