सीमा देवी जैसे ही स्टे वायर के पास पहुंचीं, वह करंट की चपेट में आकर उससे चिपक गईं। मां को तड़पता देख कुछ दूरी पर काम कर रही खुशी उन्हें बचाने दौड़ी, लेकिन हाथ पकड़ते ही वह भी करंट की चपेट में आ गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर जुट गए। कुछ देर तक आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने का विरोध किया।
सूचना पर एसडीएम ज्योति चौरसिया, क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी और कोतवाल अनिल कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। सैदपुर क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी और उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया के समझाने तथा कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
स्थानीय लोगों से पूछताछ करती पुलिस।
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ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विद्युत पोल में कई दिनों से करंट उतर रहा था। इसकी शिकायत कई बार बिजली निगम के अधिकारियों से की गई, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि समय रहते खामी दूर कर दी जाती तो मां-बेटी की जान बच सकती थी।
एसडीएम ने परिजनों को सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्युत निगम से मिलने वाली सहायता के अलावा पात्रता के अनुसार अंत्योदय कार्ड, आवास समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाएगा।
क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि यदि परिजन बिजली निगम के खिलाफ लिखित शिकायत देते हैं तो मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कोतवाल अनिल कुमार सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।