प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रात के समय यदि आपको लगता है कि पुलिस आपकी मदद के लिए तैयार है तो आप गलतफहमी में जी रहे हैं। बनारस शहर के कुछ प्रमुख स्थानों का नजारे पुलिस की सतर्कता की पूरी हकीकत बयां कर रहे हैं।
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आपको याद होगा अभी कुछ दिन पहले ही हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कुलदीप नामक शख्स ने पुलिस की सजगता और सतर्कता की पोल खोल कर रख दी थी। सुनवाई न होने से क्षुब्ध कुलदीप ने थाने में घुसकर थानेदार की वर्दी सहित कुछ अन्य सामान चुराया और उसका वीडियो तैयार कर मीडिया के सामने दिखाया।
ऐसी ही कुछ हकीकत बनारस के प्रमुख स्थानों की। चौबीस घंटे मुस्तैदी के पुलिस के दावों की धज्जियां उड़ाने वाली यह हकीकत यहां भी कुछ वैसी ही है। आधी रात के बाद जिले के थानों, चौकियों के साथ ही अधिकतर पुलिस पिकेट भी वीरान हो जाते हैं।
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रात गहराते ही थानों के गेट से संतरी गायब तो नाइट अफसर का भी कहीं अता-पता नहीं। अधिकतर थानों में मुंशी दफ्तर के भीतर अकेले ऊंघते नजर आते हैं। कई पुलिस चौकियों की बिजली तक बुझा दी जाती है और पिकेट से हटकर सिपाही ट्रकों से वसूली में व्यस्त हो जाते हैं।
पड़ताल में सामने आया सच
भेलूपुर थाने में घुसा विक्षिप्त
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की आधी रात बाद अमर उजाला टीम ने जब थानों, चौकियों और पिकेट का जायजा लिया तो ऐसे ही हालात नजर आए। इन हालात में आमजन की सुरक्षा तो दूर, खुद थाने, चौकियां और पिकेट कितने सुरक्षित हैं, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
यह स्थिति तब है जब सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील शहर में चौबीस घंटे मुस्तैदी पर शासन स्तर तक मॉनीटरिंग के दावे किए जाते हैं। जिले में चोरी की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
मंडुवाडीह, लंका, रोहनिया, बड़ागांव और कैंट सहित कई अन्य थाना क्षेत्रों में चोरों ने लोगों की नींद उड़ा रखी है लेकिन पहरुओं की आंखें खुलें तब तो। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि ड्यूटी प्वाइंट से गायब रहना गंभीर लापरवाही है। औचक निरीक्षण कर हकीकत परखी जाएगी और गायब रहने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
लंका थाना के प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
थाने में न दिखा कोई तो घुस आया विक्षिप्त
भेलूपुर थाना - 1:50 बजे
भेलूपुर थाने के बाहर संतरी और अंदर कोई हलचल न देख एक विक्षिप्त घुस गया। कार्यालय के बगल में ऊंघ रहे सिपाही ने शोर सुना तो लाठी पटककर किसी तरह उसे खदेड़ा और फिर अंदर चला गया।
चेहरे पर बांधा गमछा और करने लगे आराम
दुर्गाकुंड चौराहा - 2 बजे
दुर्गाकुंड पुलिस चौकी खुली हुई थी मगर मुस्तैदी नाम मात्र की। तैनात सिपाही ने चेहरे पर गमछा बांधा और कुर्सी पर शरीर को आराम की मुद्रा में छोड़ दिया। अब चाहे कोई चौकी से कुछ भी उठा ले जाए या आए, कोई सरोकार नहीं।
न संतरी न नाइट अफसर, थाना भगवान भरोसे
लंका थाना - रात 2:10 बजे
लंका थाना के प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक सन्नाटा दिखा। गेट पर से संतरी गायब था तो नाइट अफसर का भी कहीं पता नहीं था। हालात ऐसे थे कि कोई आसानी से कुछ भी उठाकर ले जा सकता था और शायद किसी को उसकी भनक तक नहीं लग पाती।
होता रहता है बवाल, पिकेट से गायब रहते हैं सिपाही
बीएचयू गेट - रात 2:20 बजे
बीएचयू परिसर में आए दिन छात्रों के विवाद के चलते शांति और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी होती है। इसके बावजूद सिंह द्वार के बाहर स्थित पिकेट पर आधी रात बाद पुलिसकर्मी यदाकदा ही नजर आते हैं।
बत्ती बुझाओ, ड्यूटी की ऐसी-तैसी
संकटमोचन मंदिर - रात 2:30 बजे
संकटमोचन मंदिर आतंकी हमले का दंश झेल चुका है। मंदिर के बाहर स्थित संकटमोचन पुलिस चौकी पर आधी रात बाद दरोगा और सिपाही कहीं नजर नहीं आए। और तो और पुलिस चौकी की बिजली तक बुझा दी गई थी।