मेधा उम्र की सीमा से परे होती है और हुनर के साथ जज्बा जुनून मिल जाए तो सफलता खुद इस्तकबाल करती है। ऐसे ही हैं ये बच्चे जिन्होंने कम उम्र में ही लोगों को अपनी प्रतिभा का कायल बना दिया।
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पंडित जवाहर लाल नेहरू हमेशा से ही बच्चों को देश का भविष्य कहते थे और मानते थे कि बच्चों को जिस दिशा में प्रेरित किया जाएगा, समाज और देश खुद व खुद वह राह पकड़ लेगा।
बच्चों के प्यारे चाचा नेहरू के जन्मदिन यानी कि बाल दिवस के मौके पर ऐसे ही हुनरमंद बच्चों से रूबरू कराते हैं जिन्होंने कम उम्र में ही सफलता की नई पटकथा लिखी है। अलग अलग फन के इन नन्हें उस्तादों के सामने भी कई परेशानियां आईं, मुश्किलों ने रास्ता रोका पर पक्के इरादे ने मंजिल की डगर आसान कर दी...।
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जुनून और जज्बे से तोड़ा बनाया विश्व कीर्तिमान
हरिओम ने बनाया सबसे लंबे वक्त तक कैरिकेचर बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड
- फोटो : अमर उजाला
कहते हैं मेधा और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई परेशानी कोई मुसीबत राह नहीं रोक सकती। दो दिन पहले कैरिकेचर के क्षेत्र में किसान पिता के इस पुत्र ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। गाजीपुर के हरिओम कुमार सिंह ने 77 घंटे, एक मिनट और 16 सेकंड तक लगातार कैरिकेचर बनाकर ये इतिहास रचा।
इस वर्ल्ड रिकार्ड में हरिओम ने कुल 707 कैरिकेचर बनाए। जवाहर नवोदय विद्यालय गाजीपुर के 12वीं के इस छात्र ने इससे पहले 24 घंटे में 26 पोट्रेट बनाकर लिम्का बुक ऑफ में अपना नाम दर्ज कराया था।
हरिओम इसी क्षेत्र में एक बड़ा नाम कमाना चाहता है। उसका साफ कहना है कि हर देशवासी को अपने वतन के मान सम्मान में अपना योगदान देना चाहिए। मैं सरकार के खर्च पर नवोदय विद्यालय में पढ़ रहा हूं। ऐसे में मेरा फर्ज तो और बनता है कि मैं देश के सम्मान के लिए कुछ करूं।
‘रिएलिटी शोज’ में काशी की तान्या का जलवा
काशी की तान्या
- फोटो : अमर उजाला
13 साल की छोटी सी उम्र में काशी की तान्या ने अपने सुर और साज के हुनर से अपनी अलग पहचान बना ली है। द वायस किड्स, सारेगामापा लिटिल चैंप्स से लेकर टीवी पर म्यूजिक की पाठशाला तक का सफर तय किया है।
महमूरगंज की रहने वाली तान्या तिवारी ने द वायस किड्स रिएलिटी शो में अपनी सुरों का जलवा बिखेरा। इसके बाद सारेगामापा लिटिल चैंप्स में टॉप 10 तक गईं। डालिम्स सनबीम रोहनिया की कक्षा नौ की इस सुरों की शहजादी का कार्यक्रम ‘म्यूजिक की पाठशाला’ अभी एक टीवी चैनल पर चल रहा है।
इस प्रोग्राम में पांच सर्वश्रेष्ठ बच्चों को शामिल किया गया है। कक्षा तीन से गायन का सफर शुरू करने वाली तान्या के सामने वो मुश्किल घड़ी भी आई जब मां से उनका साथ छूट गया लेकिन तान्या अब अपनी मां के सपने को पूरा करने के लिए एक बड़ी गायिका बनना चाहती हैं।
सनबीम स्कूल भगवानपुर के कक्षा आठ के ईशान
- फोटो : अमर उजाला
सौ फीसदी अंक हासिल कर कक्षा में अव्वल आना ही होनहारों की पहचान नहीं। सुर संगीत और नृत्य में जलवा बिखेरना ही मेधा नहीं। क्रिएटिव राइटिंग, क्विज, अभिव्यक्ति की मेधा से भी नन्हे कदम आसमां चूम रहे हैं। कुछ ऐसी ही क्रिएटिविटी का दमखम दिखा रहे ईशान मुखर्जी।
सनबीम स्कूल भगवानपुर के कक्षा आठ के ईशान ने न जाने अपने नाम कितनी प्रतियोगिताएं, चैंपियनशिप अपने नाम की है। आईआईटी बीएचयू के काशीयात्रा से लेकर लखनऊ तक क्रिएटिव राइटिंग में अव्वल।
ग्लोबल राइटिंग अवार्ड से लेकर द बेस्ट स्पीकर का खिताब भी ईशान ने जीता है। स्टेट लेवल पर भी ईशान ने क्विज में पहले पायदान पर अपनी जगह बनाई है। इतना ही नहीं उन्होंने तीन अलग अलग स्कूल में क्विज भी कराया। ईशान की कई कविताएं और लेख भी प्रकाशित हो चुके हैं।