12 सितंबर 2021 को नीट परीक्षा वाले दिन सॉल्वर जुली और गैंग के अन्य मेंबर के पकड़े जाने पर नेपाल भाग गया था। बाद में हिमांचल प्रदेश, दिल्ली तथा अपनी ससुराल अमेठी में स्थान बदल-बदल कर छिप कर रह रहा था। वह हाईकोर्ट से एंटीसिपेटरी बेल पाने का प्रयास भी कर रहा था।
पूछताछ में बताया कि एमबीबीएस में चयन सीपीएमटी परीक्षा के माध्यम से वर्ष 2010 में हुआ था, काउंसलिंग के समय ही अज्ञात व्यक्ति द्वारा शिकायत की गई कि मेरा चयन फर्जी तरीके से सॉल्वर बैठाकर हुआ है, जिस पर जांच के बाद थाना स्वरूप नगर कानपुर नगर में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी शिकायत और मुकदमे की जांच के कारण मेरी इंटर्नशिप रुक गई थी।
बाद में 2017 में मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग जाने के बाद इंटर्नशिप पूरी हुई थी। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध दर्ज अन्य मुकदमों के बारे में जानकारी की जा रही है। एवं पूछताछ में आए तथ्य को विवेचना में सम्मिलित कर अन्य शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
अब बंगलूरू बगलगुनते थाना अंतर्गत मेन लेख रोड अवनाव न्यू पार्षद बिल्डिंग निवासी आशुतोष राज, त्रिपुरा के गोमती उदयपुर स्थित राधेकिशोरपुर निवासी दिव्य ज्योति नाग, त्रिपुरा गोमती उदयपुर ककराबन थाना अंतर्गत गर्जनमोरा निवासी मृत्युंजय देवनाथ का हाल पता बरदोवाली मिलन सादा थाना एडी नगर अगरतला पश्चिम त्रिपुरा है। इन सभी को भगोड़ा घोषित करते हुए न्यायालय से संपत्ति जब्त करने की नोटिस जारी की गई है।
इनकी गिरफ्तारी को दबिश जारी
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि वांछित मृत्युंजय देबनाथ, दिव्य ज्योति नाग उर्फ देबू, आशुतोष राज, मुन्तजिर, प्रवीण, प्रमोद, हामिद रजा, साइबर कैफे संचालक कोटा, पीयूष, चंदन, संजीव, पटना निवासी डॉ. गणेश, डॉ गुरु प्रसाद, प्रदीप्तो भौमिक, अंकुर, देवी प्रसाद राय उर्फ यश, सुरेंद्र प्रताप सिंह और पंकज शर्मा की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।