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वाराणसी: नीट सॉल्वर गिरोह में शामिल 50 हजार का इनामी चिकित्सक गिरफ्तार, अब तक 19 की हुई गिरफ्तारी

Tue, 15 Mar 2022 10:55 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध दर्ज अन्य मुकदमों के बारे में जानकारी की जा रही है।
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नीट परीक्षा में धांधली का आरोपी डॉ. अफरोज अहमद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नीट परीक्षा में धांधली के आरोपी डॉ. अफरोज अहमद को क्राइम ब्रांच व सारनाथ थाने की पुलिस ने मंगलवार की भोर में सिंहपुर बाईपास से गिरफ्तार किया। आरोपी पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था। बलरामपुर के तुलसीपुर थाना अंतर्गत नई बाजार पुरवा निवासी डॉ. अफरोज के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस कुर्की की नोटिस भी चस्पा कर चुकी थी। वर्तमान में आरोपी लखनऊ के दाउदनगर पीएचसी एवं मोहनलालगंज सीएचसी में बतौर चिकित्सा अधिकारी कार्यरत था।

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पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार डॉ. अफरोज ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2010-11 के सत्र में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन लिया तथा सत्र 2017-18 में पास आउट हुआ वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से मेडिकल ऑफिसर के पद पर चयन हुआ। वर्तमान में लखनऊ के दाउदनगर पीएचसी एवं मोहनलालगंज सीएचसी में बतौर चिकित्सा अधिकारी कार्यरत था। 

पत्नी भी है डॉक्टर
पूछताछ में बताया कि 2020 में डॉक्टर शिफा खान से निकाह हुआ जो कि लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में कार्यरत थी। डॉक्टर ओसामा और नीलेश उर्फ पीके आदि से संपर्क वर्ष 2018-19 में लखनऊ आने पर हुआ। वर्ष 2021 में नीट परीक्षा में चार अभ्यर्थियों को सॉल्वर बैठाकर पास कराने का काम लिया था।

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12 सितंबर 2021 को नीट परीक्षा वाले दिन सॉल्वर जुली और गैंग के अन्य मेंबर के पकड़े जाने पर नेपाल भाग गया था। बाद में हिमांचल प्रदेश, दिल्ली तथा अपनी ससुराल अमेठी में स्थान बदल-बदल कर छिप कर रह रहा था। वह हाईकोर्ट से एंटीसिपेटरी बेल पाने का प्रयास भी कर रहा था।

पूछताछ में बताया कि एमबीबीएस में चयन सीपीएमटी परीक्षा के माध्यम से वर्ष 2010 में हुआ था, काउंसलिंग के समय ही अज्ञात व्यक्ति द्वारा शिकायत की गई कि मेरा चयन फर्जी तरीके से सॉल्वर बैठाकर हुआ है, जिस पर जांच के बाद थाना स्वरूप नगर कानपुर नगर में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी शिकायत और मुकदमे की जांच के कारण मेरी इंटर्नशिप रुक गई थी।

बाद में 2017 में मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग जाने के बाद इंटर्नशिप पूरी हुई थी। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध दर्ज अन्य मुकदमों के बारे में जानकारी की जा रही है। एवं पूछताछ में आए तथ्य को विवेचना में सम्मिलित कर अन्य शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

अब तक 19 आरोपी हुए गिरफ्तार 
12 सितंबर 2021 को सारनाथ स्थित परीक्षा केंद्र पर नीट सॉल्वर गैंग की सदस्य जूली कुमारी और परीक्षा केंद्र के बाहर उसकी मां बबिता कुमारी को गिरफ्तार करते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने गैंग का खुलासा किया था। इसके बाद पटना निवासी मास्टरमाइंड पीके, पटना सचिवालय में लिपिक उसके बहनोई रितेश कुमार सहित 19 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। 

इसमें आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना अंतर्गत सरैया निवासी मुंतजिर ने 10 मार्च को आजमगढ़ की अदालत में समर्पण किया था। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि बलरामपुर तुलसीपुर थाना अंतर्गत तुलसी बाजार पुरवा नई बाजार निवासी डॉ. अफरोज का हाल पता लखनऊ कैसरबाग स्थित गुडलक स्क्वायर अपार्टमेंट है।

चार वांछित भगोड़ा घोषित

अब बंगलूरू बगलगुनते थाना अंतर्गत मेन लेख रोड अवनाव न्यू पार्षद बिल्डिंग निवासी आशुतोष राज, त्रिपुरा के गोमती उदयपुर स्थित राधेकिशोरपुर निवासी दिव्य ज्योति नाग, त्रिपुरा गोमती उदयपुर ककराबन थाना अंतर्गत गर्जनमोरा निवासी मृत्युंजय देवनाथ का हाल पता बरदोवाली मिलन सादा थाना एडी नगर अगरतला पश्चिम त्रिपुरा है। इन सभी को भगोड़ा घोषित करते हुए न्यायालय से संपत्ति जब्त करने की नोटिस जारी की गई है। 
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इनकी गिरफ्तारी को दबिश जारी
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि वांछित मृत्युंजय देबनाथ, दिव्य ज्योति नाग उर्फ देबू, आशुतोष राज, मुन्तजिर, प्रवीण, प्रमोद, हामिद रजा, साइबर कैफे संचालक कोटा, पीयूष, चंदन, संजीव, पटना निवासी डॉ. गणेश, डॉ गुरु प्रसाद, प्रदीप्तो भौमिक, अंकुर, देवी प्रसाद राय उर्फ यश, सुरेंद्र प्रताप सिंह और पंकज शर्मा की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
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