कस्टडी रिमांड पर लिए गए नीट सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड पटना निवासी नीलेश कुमार उर्फ पीके और चंदौली में सरकारी कर्मचारी कन्हैया लाल सिंह से पुलिस राज उगलवा रही है। कन्हैया से जुड़ी जानकारियों के आधार पर एक टीम जल्द ही लखनऊ और कानपुर में भी दबिश देगी। गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में पुलिस ने काफी जानकारियां एकत्र की है। निलंबित कन्हैया के विभाग में भी पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ करेगी।
20-20 हजार के इनामी लखनऊ के कैसरबाग निवासी डॉ. अफरोज और त्रिपुरा के रहने वाले मृत्युुंजय देवनाथ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सर्विलांस के जरिए उसके कई करीबियों से पूछताछ कर रही है। सारनाथ थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने इसके दोस्त हामिद रजा, आशुतोष, दिव्य ज्योति की भी तलाश कर रही है।
सारनाथ क्षेत्र स्थित स्कूल में 12 सितंबर 2021 को नीट परीक्षा आयोजित थी। इसमें त्रिपुरा की हिना बिश्वास की जगह सॉल्वर गैंग की मदद से बीएचयू की बीडीएस की छात्रा जूली कुमारी परीक्षा देते हुए पकड़ी गई थी। इसके बाद जूली की मां, उसका भाई और केजीएमयू के एमबीबीएस के छात्र ओसामा शाहिद सहित छह आरोपी गिरफ्तार किए गए।
इसके बाद पिछले सप्ताह बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखने वाले त्रिपुरा के अगरतला निवासी तपन साहा और मास्टरमाइंड नीलेश उर्फ पीके और उसका बहनोई पटना सचिवालय में लिपिक रितेश कुमार गिरफ्तार हुआ। सिंचाई विभाग के कर्मचारी कन्हैया लाल सिंह और सुंदरपुर में साइबर कैफे संचालक क्रांति कौशल समेत ग्यारह आरोपी अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं।