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Varanasi News: टाउनहॉल, दशाश्वमेध की आधी जमीन नजूल की, यहां 99 साल से काबिज हैं लोग

Mon, 21 Apr 2025 08:23 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Latest News: वाराणसी जिले के टाउनहॉल, दशाश्वमेध की आधी जमीन नजूल की है। हैरान करने वाली बात तो ये है कि इस जमीन पर 99 साल से लोग काबिज हैं। 
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टाउन हॉल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी जिले में 10 लाख वर्ग मीटर यानी 3550 बीघा नजूल भूमि है। इनमें 32 हजार वर्ग मीटर फ्री होल्ड है। कोतवाली के आसपास का इलाका, टाउनहॉल में सात हेक्टेयर, दशाश्वमेध में डेढ़ हेक्टेयर जमीन नजूल की है। दशाश्वमेध क्षेत्र लगभग 3 हेक्टेयर और टाउनहॉल करीब 15 हेक्टेयर में फैला है। ज्यादातर पर लोग काबिज हैं। जमीन फ्री होल्ड कराने की कोशिश भी कर रहे हैं।

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प्रशासन के एक अधिकारी के मुताबिक 2016 के बाद से नजूल की जमीन का फ्री होल्ड नहीं किया जा रहा है। नजूल की जमीन का मालिकाना हक राज्य सरकार के पास है। ऐसे में इन्हें खरीदा और बेचा नहीं जा सकता है। यही कारण है इन जमीन को पट्टे पर लोग 99 साल तक के लिए लेते हैं। लोग इन जमीन पर 99 साल से काबिज हैं।

इन्हीं लोगों का कब्जा लंबे समय से चला आ रहा है। जमीन को फ्री होल्ड करने का अधिकार राज्य सरकार को है। राजस्व से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि ब्रिटिश काल में जो जमीन अंग्रेजों ने हड़पी थी, उन्हें नजूल की श्रेणी में रखा गया है। आजादी के बाद उनके वारिसों को जमीन लौटाई गई। कुछ जमीन के वारिस नहीं थे तो उन्हें नजूल घोषित कर राज्य सरकार के स्वामित्व में दे दिया गया। 1956 में नजूल के लिए नियम बनाए और कई जमीनों का हस्तांतरण किया गया, लेकिन मालिकाना हक नहीं बदला है। केवल उसका उपयोग बदला है।
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नजूल भूमि से नहीं होगी किसी की बेदखली

विधानसभा में पास किए गए नए नजूल विधेयक के तहत किसी भी व्यक्ति की बेदखली नहीं की जाएगी। साथ ही ऐसे पट्टाधारक जिन्होंने लीज डीड का उल्लंघन नहीं किया है, उनका पट्टा नियमानुसार जारी रहेगा। नजूल विधेयक के तहत ऐसी किसी भी भूमि पर जहां कि लोग निवास कर रहे हैं, जिसका व्यापक जनहित में उपयोग किया जा रहा है, उसे नहीं हटाया जाएगा। वर्तमान में उपयोग में लाई जा रही भूमि से किसी की व्यक्ति की बेदखली नहीं की जाएगी।

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लीज डीड का उल्लंघन नहीं तो होगा नवीनीकरण 
ऐसे पट्टाधारक जिन्होंने फ्री होल्ड के लिए आवेदन कर दिया है और निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है, उनके पास यह विकल्प होगा कि वह लीज अवधि समाप्त होने के बाद अगले 30 वर्ष की अवधि के नवीनीकरण करा सकें। बशर्ते, उनके द्वारा मूल लीज़ डीड का उल्लंघन न किया गया हो।
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