पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर देखे जा रहे यूपी के जगदीशपुर से पश्चिम बंगाल के हल्दिया को जोड़ने वाली गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर नक्सलियों का ग्रहण लग गया है। इस प्रोजेक्ट पर गेल इंडिया लिमिटेड काम कर रही है। बिहार के गया जिले के मोहनपुर ब्लॉक में गुरुवार की रात इस प्रोजेक्ट में लगे सात वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
गुरुवार की रात करीब डेढ़ बजे 20 से अधिक की संख्या में रहे नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के हथियारबंद दस्ते ने पांच ट्रैक्टर, एक हेडर और एक जेसीबी को आग के हवाले कर दिया। मौके पर मौजूद कर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो तीन लोगों को मारपीट कर घायल भी कर दिया।
करीब आधे घंटे तक तांडव मचाने के बाद नक्सली लेवी नहीं देने पर काम नहीं पूरा होने देने की धमकी देते हुए चले गए। शुक्रवार की सुबह इस घटना की सूचना परियोजना में लगे कर्मी संतोष सिंह ने स्थानीय थाना को दी।
संतोष सिंह के मुताबिक नक्सली धमकी दे रहे थे कि जब तक हमें लेवी नहीं मिलेगी तब तक काम पूरा नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और घटना में शामिल नक्सलियों की तलाश में जुटी है।
उधर, बाराचट्टी थाना क्षेत्र के भलुआ में नक्सलियों ने पोस्टर चिपकाया है। पोस्टर में पुलिस मुखबिरों को जान से मारने की धमकी दी गयी है।
नक्सलियों द्वारा चिपकाये गये पोस्टर और इस फरमान के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
इस पाइपलाइन से वाराणसी सहित यूपी के कई शहर जुड़ेंगे
नक्सलियों द्वारा चिपकाया गया पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
इस पाइपलाइन से उत्तर प्रदेश के वाराणसी, इलाहाबाद, जौनपुर और गोरखपुर शहर जुड़ेंगे। इनमें प्रधानमंत्री का लोकसभा क्षेत्र भी है और यदि पाइपलाइन बनी तो वहां पीएनजी और सीएनजी सप्लाई का मार्ग प्रशस्त होगा। इसी तरह इससे बिहार के कई शहरों को भी लाभ होगा।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पद संभालते ही पूर्वी राज्यों पर विशेष ध्यान देने का संकेत दिया था और इस इलाके में चल रही परियोजनाओं की विशेष समीक्षा की थी। इस प्रोजेक्ट के तहत 2,050 किलोमीटर पाइपलाइन का निर्माण प्रस्तावित है।
गेल की जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा प्राकृतिक गैस परियोजना ऊर्जा राजमार्ग पांच राज्यों में ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करेगी। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 40 जिले और 2600 गांव शामिल हैं।
इस पाइप लाइन नेटवर्क में पड़ने वाले सात शहरों को प्रदूषण मुक्त करने और सस्ता ईधन उपलब्ध कराने की दिशा में सीएनजी और घरेलू गैस उपलब्ध कराई जाएगी।