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Navratri: वाराणसी के देवी मंदिरों में लगी भक्तों की लंबी कतार, माता शैलपुत्री के दरबार में आंकड़ा डेढ़ लाख पार

Sun, 15 Oct 2023 09:20 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Navratri 2023: आज से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई। पूरे 9 दिनों तक माता गौरा के अलग-अलग रूपों का श्रृंगार, पूजा और दर्शन का विधान है।  वाराणसी के प्राचीन शैलपुत्री देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु कतार में लगे रहे। 
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मां शैलपुत्री मंदिर में लगी भक्तों की कतार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा पर मां शैलपुत्री का दरबार भक्तों के जयकारे से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भीड़ का आलम ऐसा था कि देर रात तक डेढ़ लाख से अधिक भक्तों ने माता के दरबार में हाजिरी लगाकर मनोकामना पूरी करने की अर्जी भी लगाई।

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रविवार को ब्रह्म मुहूर्त में माता के विग्रह का पंचामृत स्नान कराने के बाद फूल, वस्त्र और आभूषणों से श्रृंगार किया गया। माता की भव्य आरती उतारने के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मध्य रात्रि से ही श्रद्धालु माता के दर्शन पूजन के लिए कतारबद्ध थे।

वाराणसी के अलईपुर स्थित शैलपुत्री माता मंदिर के आसपास का इलाका भक्तों की भीड़ से पट गया था। ऐसी मान्यता है कि माता शैलपुत्री के दर्शन से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। बैरिकेडिंग से गुजरते हुए श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे और माता के दर्शन करने के बाद शैलेश्वर महादेव का भी दर्शन पूजन किया।

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राजा हिमवान ने एक रात में ही बनवाया था मंदिर

माता शैलपुत्री मंदिर - फोटो : अमर उजाला
अविमुक्त पुरी काशी में वरुणा के तट पर विराजमान शैलेश्वर महादेव और शैलेश्वरी देवी के प्रादुर्भाव की कथा भी निराली है। काशी खंड के अनुसार भगवान शिव और पार्वती के विवाह के बाद उनकी माता ने पुत्री का कुशल क्षेम जानने के लिए पति से प्रार्थना की। राजा हिमवान रत्न, माणिक्य और वस्त्र लेकर वरुणा के तट पर पहुंचे। काशी का वैभव देखकर वह भी चकित रह और सोचने लगे ऐसी संपत्ति तो कुबेरपुरी और वैकुंठपुरी में भी नहीं है। उन्होंने सेवकों काे आदेश दिया कि सूर्योदय के पूर्व रात्रि भर में भव्य शिवालय का निर्माण करें। मंदिर में ही चंद्रकांतमणि के शैलेश्वर शिवलिंग की स्थापना हुई।
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शिवगणों ने मंदिर के निर्माण का समाचार शिवजी को सुनाया। शिव ने पार्वती संग मंदिर में प्रवेश किया तो महालिंग को देखकर प्रसन्न हुए। माता पार्वती ने प्रार्थना की कि हे नाथ! इस लिंग में आपको निवास करना चाहिए और भक्तों को लोक और परलोक में पूर्ण समृद्धि प्रदान करें। शिव ने कहा कि वह इसमें निवास करेंगे और इसकी पूजा करने वालों को मोक्ष दूंगा। दर्शन करने वालों को दुख से पीड़ित नहीं होना पड़ेगा। माता पार्वती ने वरदान दिया कि जो लोग शैलेश्वर के भक्त होंगे वह मुझे पुत्र के समान प्रिय होंगे। इसके बाद शैलेश्वर महादेव के साथ ही शैलेश्वरी देवी का पूजन आरंभ हो गया।
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