इसके पूर्व नन्हीं-नन्हीं कुमारी कन्याओं का पांव पखारकर महावर से रंगे गए,नए वस्त्र बिंदी कुमकुम आदि से श्रृंगार के उपरांत चुनरियाँ ओढाई गईं। विधिवत पूजन कर सात्विक भोजन (पूड़ी सब्जी खीर पकवानों समेत दही, मिष्ठान और ऋतु फल) से तृप्त किया गया। कन्याओं को नौ देवी स्वरूप एवं भैरव का पूजन आचार्य प्रकाश एवं संगीता सिंह ने किया