वाराणसी। भदैनी घाट के सामने गंगा में डूबे चार युवकों के घर में मंगलवार को सन्नाटा पसरा रहा। रो-रोकर बेहाल हुए परिजनों को उनके करीबी और रिश्तेदार ढांढस बंधा रहे थे लेकिन उनकी आंखों से आंसुओं की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी। चारों युवकों के परिजनों के साथ ही उनके मुहल्ले के लोग भी गमगीन दिखे।
गंगा में डूबने वाले विशाल सिंह और अभिषेक मौर्य शिवपुर थाना के लक्ष्मणपुर क्षेत्र की गंगोत्री विहार कॉलोनी के रहने वाले थे। दोनों बचपन से अच्छे दोस्त थे। विशाल दो भाई और एक बहन में सबसे बड़ा था। वहीं अभिषेक दो बहनों का इकलौता बड़ा भाई था। मंगलवार को दोनों के दोस्त भी उनके घर पहुंचे और हादसे को याद कर बिलख रहे थे। इसी तरह से बजरडीहा क्षेत्र के सरयसुर्जन के बुनकर परिवार के शाहिद जुनैद और शाहनवाज भी अच्छे दोस्त थे। शाहनवाज तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था और जुनैद चार भाइयों में सबसे छोटा था। चारों युवकों के परिजन कभी उस समय को दोष दे रहे थे जब उनके बच्चे गंगा की ओर गए तो कभी खुद को कोस रहे थे कि बच्चों को जाने से रोंका क्यों नहीं...?