जटाशंकर भारद्वाज ने बताया मेरे चार बच्चों में सबसे छोटी बेटी सुनीता 12 साल की उम्र से ही तीरंदाजी खेल से जुड़ी है। उसके जुनून को देखते हुए छह हजार रुपये की इंडियन राउंड की तीर धनुष खरीद कर दिया था। जिससे मेरी बेटी रोज सारनाथ से उमरहा स्थित लक्ष्य एकेडमी में अभ्यास करती थी।
सब जूनियर की खिलाड़ी होने के बावजूद सीनियर में प्रतिभाग कर पदक जीता है। कोच अशोक सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की टीम में बनारस में एक मात्र महिला खिलाड़ी है जिसने रजत पदक जीता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छह की प्रवेश परीक्षा में भिटारी निवासी प्लंबर विजय कुमार के बेटे प्रियांशु का चयन हुआ है। बेटे की उपलब्धि से खुश विजय ने बताया कि किसी तरह दिन भर मेहनत कर बच्चे को बेहतर शिक्षा दिलाने का जो सपना देखा था, उसने पूरा किया। बताया कि महेशपुर स्थित हिंद कान्वेंट स्कूल से पांचवीं तक की पढ़ाई के दौरान भी बेटे ने कड़ी मेहनत कर अच्छे अंक हासिल कि ए।