यही वजह है कि कई युवा खेल के प्रति उत्साहित तो होते हैं लेकिन उन्हें आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पातीं। उन्हें कच्चे मैदानों पर अभ्यास करना पड़ता है या फिर वाराणसी आने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सेना भर्ती में शामिल युवाओं ने बताया कि यदि उन्हें प्रोफेशनल कोचिंग और बेहतर सुविधा मिले, तो वे राष्ट्रीय रिकॉर्ड को भी चुनौती दे सकते हैं।
फिर भी कम नहीं पड़ती मेहनत : खेल सुविधाओं के अभाव के बावजूद पूर्वांचल के युवा दिन-रात अभ्यास में जुटे रहते हैं। सेना भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं-विशाल, जैयहिंद, शिवम, अनुराग समेत अन्य ने बताया कि वे सुबह चार बजे से ही सड़क पर दौड़ना शुरू कर देते हैं। उनका कहना है कि यदि अच्छी गुणवत्ता वाला मैदान मिले, तो उनकी स्पीड में और सुधार आ सकता है। युवाओं की मांग है कि हर जिले में कम से कम एक सिंथेटिक ट्रैक और बुनियादी खेल सुविधाएं विकसित की जाएं।
अग्निवीर सेना भर्ती में पूर्वांचल के युवाओं का प्रदर्शन शानदार रहा। ग्राउंड पर तैयारी करने वालों की रेस में स्पष्ट सुधार देखने को मिला। कुछ बच्चों ने तो रेस में चौंकाया भी। यदि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलें, तो वे नेशनल और इंटरनेशनल स्तर तक खेल सकते हैं। - कर्नल शैलेष