फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'भाजपा का डर दिखा कांग्रेस, सपा, बसपा ने किया मुसलमानों का शोषण'

Wed, 20 Sep 2017 02:20 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
विज्ञापन
बटला हाउस एनकाउंटर की नौवीं बरसी पर ओलमा कौंसिल ने किया धरना-प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने मंगलवार को बटला हाउस एनकाउंटर की नौवीं बरसी पर न्यायिक जांच की मांग को लेकर आजमगढ़ में धरना-प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि बटला हाउस में 2008 को आजमगढ़ के दो नौजवानों के फर्जी एनकाउंटर कर दिया गया था।
विज्ञापन


कौंसिल की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के जज से मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।  न्यायिक जांच की घोषणा तक हर वर्ष घटना की बरसी मनाएंगे और धरना प्रदर्शन करेंगे।  खरेवां मोड़ मैदान में आयोजित कार्यक्रम में आमिर रशादी ने कहा कि पुलिस एनकाउंटर में मजिस्ट्रेट जांच अनिवार्य है।

लेकिन इसकी न्यायिक जांच नहीं कराई जा रही है। कांग्रेस, सपा, बसपा 60  साल तक भाजपा का डर दिखाकर मुसलमानों से वोट लेकर हुकूमत करती रहीं। मुसलमानों को फर्जी मुकदमों में फंसाती रही। भाजपा सरकार में हिंदू, मुस्लिम सभी परेशान हैं।
विज्ञापन


राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के कोषाध्यक्ष मौलाना साहब अख्तर ने कहा कि प्रधानमंत्री सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं, क्या ये न्याय के बिना संभव है?

केन्द्र सरकार मक्का मस्जिद, मालेगांव और समझौता एक्सप्रेस जैसे बम कांड के अभियुक्तों को बचाने की कोशिश में लगी है।  इस दौरान 46 लोगों ने ओलमा कौंसिल की सदस्यता ग्रहण की। 
 
विज्ञापन

बेगुनाहों को फंसाने वालों को हो जेल, तब होगा इंसाफ

बटला हाउस एनकाउंटर की नौवीं बरसी पर ओलमा कौंसिल ने किया धरना-प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
बटला हाउस एनकाउंटर के नौ वर्ष गुजर जाने के बाद भी न्यायिक जांच नहीं हो सकी। अगर यह जांच हो जाती तो बहुत से चेहरे बेनकाब हो जाते। इंसाफ तो तब होगा जब इनको फंसाने वाले जेल में होंगे।

उक्त बातें एसोसिएशन फॉर वेलफेयर मेडिकल एजुकेशनल एंड लिगल असिस्टेंस (ओमेला) के अध्यक्ष डा. जावेद अख्तर ने मंगलवार को मोहल्ला बाजबहादुर स्थित अपने आवास पर प्रेस प्रतिनिधियों से कही।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट न्यायिक जांच कराने से मना कर चुकी है। रीविव पेटीशन ही एक गुंजाइश थी, अब वह भी दाखिल नहीं किया जा सकता है।

ओमेला सामाजिक संस्था हैदराबाद, दिल्ली और जयपुर में जमीयत-ए-ओलमा-ए- हिंद के साथ संयुक्त रूप से मुकदमा लड़ रही है। मुझे कोर्ट पर विश्वास है कि बेदाग रिहा कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देने से इंकार करना आश्चर्यजनक बात है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें