यूपी के आजमगढ़ में स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम संचालक ने मंगलवार को मृत नवजात को जिंदा दिखाकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिवार के लोगों ने जब उसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया तो सच से पर्दा उठा। घटना जिले के जीयनपुर कस्बा में स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम का है।
डॉक्टर की लापरवाही से नाराज लोग नवजात की लाश संग अस्पताल के बाहर हंगामा करने लगे। बाद में लाश लेकर थाने चले गए। जहां पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ओझौली गांव निवासी नीतू पत्नी विजय बहादुर का मायका जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के खालिसपुर लाक्षिया गांव में है।
नीतू का पति मुंबई में रहकर किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है। नीतू को बच्चा पैदा होने वाला था तो वह अपने मायके चली आई। 17 सितंबर को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा से नीतू के मायके वालों ने संपर्क किया।
आशा कार्यकत्री प्रसूता नीतू को सरकारी अस्पताल में न ले जाकर उसे जीयनपुर बाजार में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर चली गई। आशा कार्यकत्री के कहने पर घर वालों ने नीतू को यहां भर्ती करा दिया।
जहां उसने देर शाम को लड़के को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ थे। इसी बीच मंगलवार की सुबह अचानक डाक्टर ने नीतू के परिवारवालों को बुलाया और कहा कि बच्चे की तबीयत खराब है। इसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाना होगा।