प्रदेश के जिलों मे लगातार जहरीली हवा के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। हालात ये हैं कि घर से बाहर निकलते ही लोगों की आंखों मे जलन और सिरदर्द की शिकायत आम बात हो गई है।
सड़कों पर चलने वाले राहगीरों की स्थिति सबसे खराब है। सड़कों पर जाम की स्थिति होने पर लोगों को दम घुटने जैसा अहसास होने लगा है। अस्पतालों मे सांस मे दिक्कत, आंखों मे जलन, अस्थमा इत्यादि की शिकायत करने वाले रोगियों की संख्या मे बढ़ोतरी हुई है।
प्रदेश में प्रदूषण की खराब स्थिति के बावजूद सरकार इस विषय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के पास प्रदूषण को कम करने का कोई एक्शन प्लान नहीं है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार को तुरंत निर्माण कार्यों मे कटौती और मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। इसके अलावा विद्यालयों, कार्यालयों के कार्य दिवसों मे भी आवश्यक कटौती करनी चाहिए। सड़कों पर ट्रैफिक को कम करने और जाम न लगने की व्यवस्था सख्ती से लागू करनी चाहिए।