नरेंद्र मोदी(फाइल फोटो)
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पीएम मोदी ने पांच साल में वाराणसी में 19 दौरे किए और चार गांवों को गोद लेकर उन्हें आदर्श गांव के रूप में विकसित करने की पहल की। बतौर सांसद मोदी ने पिछले पांच साल में अपने संसदीय क्षेत्र को 8352 करोड़ की 460 परियोजनाओं की सौगात दी है।
वाराणसी से हल्दिया तक जल परिवहन की शुरुआत, बाबतपुर फोरलेन, रिंग रोड, एसटीपी, आईपीडीएस और पेयजल आपूर्ति सहित कई परियोजनाओं से बदलते बनारस की तस्वीर दिखाई। इसके अलावा कैंसर संस्थान, चावल अनुसंधान केंद्र, हस्तकला संकुल, गैस पाइप लाइन वितरण, काशी विश्वनाथ धाम सहित ऐसे ही अन्य कार्यों से यहां की वैश्विक पहचान बनाने की कोशिश की।
चुनाव से पहले उनके काशी से दोबारा प्रत्याशी बनने पर कयास थे। भाजपा संसदीय बोर्ड की पहली सूची में वाराणसी से उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि विपक्ष नई रणनीति तैयार करेगा। तीन दिन पहले काशी का दौरा कर लौटी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी बनारस से नई राजनीति की शुरुआत के संकेत दिए हैं।
2014 में वाराणसी के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ोदरा से भी चुनाव जीता था। वहां कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री को पांच लाख 70128 मतों से हराया था। बड़ी जीत के बावजूद उन्होंने काशी को संसद में प्रतिनिधित्व के लिए चुना था।