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अटल बिहारी वाजपेयी की पहल को नरेंद्र मोदी ने दिया नया आकार

Wed, 23 Jan 2019 10:16 AM IST
Sayali Maurya पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
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अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी
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भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 2003 में शुरू हुआ प्रवासी भारतीय सम्मेलन 2019 में उत्सव का रूप ले चुका है। इसमें अहम भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है।

 

दुनिया भर में बसे भारतीय मूल के लोगों की दिलचस्पी को देखते हुए इस बार पीएम मोदी ने तीन दिवसीय सम्मेलन और तीन दिवसीय भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित कराया। इसे लेकर सम्मेलन में आए दुनिया के 112 देशों के लोग खासे उत्साहित हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि विदेश में अपने दमखम पर अर्जित उपलब्धियों को प्रवासी भारतीय भारत के लोगों से साझा कर उन्हें प्रेरित करें। साथ ही, भारत के विकास और व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

 

इसके लिए प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों को जानने के साथ ही भारत के रहन-सहन, सामाजिक परिवेश, कला, संस्कृति, धर्म और विरासत को गहराई से समझना होगा। इसके लिए उन्हें भारत में समय गुजारने का पर्याप्त अवसर चाहिए।
 

इसी वजह से प्रधानमंत्री ने अपनी मन को बत को मूर्त रूप देते हुए इस बार सम्मेलन की विषय वस्तु नए भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका रखते हुए इसे छह दिवसीय उत्सव का स्वरूप दिया है। 

 

 

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सम्मेलन है भारत के विकास की कहानी का अंग

प्रधानमंत्री की सोच को आगे बढ़ाते हुए विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज का कहना है कि यह सम्मेलन अपनी जड़ों की खोज ही नहीं है बल्कि यह भारत के विकास की कहानी का अंग भी है। सम्मेलन से उत्सव तक के सफर की बात पर पिछले 14 प्रवासी भारतीय सम्मेलनों में शामिल हो चुके यूएई से आए वासु श्राफ ने कहा कि गंगा किनारे बसी काशी में बेहद ही शानदार तरीके से आयोजन हो रहा है। 
 
काशी के बाद प्रयागराज में कुंभ में शामिल होना और फिर नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड देखना उत्सव जैसा ही तो है। मिस्त्र के काहिरा से आए भारतीय सामुदायिक संघ के प्रतिनिधि जहीर शाह ने कहा कि इस बार का आयोजन बेहद ही शानदार तरीके से हो रहा है। हिंदुस्तान को जानने-समझने के लिए यहां की कला, संस्कृति और विरासत से रूबरू होना बेहद जरूरी है।
 
इंडोनेशिया से आईं गीता कौर कहती हैं कि गलियों के शहर काशी और इसके बाद त्रिवेणी के संगम पर बसे प्रयागराज में आस्था के कुंभ में डुबकी लगाना मानो सपने सरीखा है। ऐसे भव्य आयोजन के लिए हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार...। 
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