कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए प्रभावी लॉक डाउन की वजह से काम धंधे ठप पड़े हुए है। इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ा है। इन परिस्थितियों में तमाम लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अप्रैल में तीन माह की बच्चों की स्कूल फीस जमा करना लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
लॉक डाउन की वजह से काम धंधे बंद पड़े हुए हैं। ऐसे में तीन महीने की फीस एक बड़ी समस्या थी। लेकिन जिलाधिकारी के आदेश के बाद थोड़ी राहत महसूस हो रही।
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पूजा गिरी
स्कूलों द्वारा हर साल गर्मी की छुट्टियों की भी फीस वसूल की जाती है। महामारी के इस दौर में तीन महीने के फीस न लेने का आदेश ने हमारी टेंशन दूर कर दी है।
अजय सिंह
लॉक डाउन के चलते घर में आदमी का कोई साधन नहीं है। ऐसे में स्कूल की फीस जमा करने की चिंता लगी हुई थी, लेकिन अब प्रशासन की इस पहल से बच्चों की पढ़ाई छूटने की टेंशन खत्म हो गई। विज्ञापन
प्रदीप