वाराणसी। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार जैन सर्किट परिपथ का नाम ‘अहिंसा पथ’ रखा जाएगा। सूबे के पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह की मौजूदगी में इस सर्किट के लोकार्पण के मौके पर यह सुझाव गुजरात के आणंद जी कल्याण जी पेढ़ी ट्रस्ट के ट्रस्टी पाल भाई शाह ने दिया। पर्यटन मंत्री ने कहा कि ट्रस्ट पीएम से मिलकर इस सर्किट के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराएं। अन्य बाधाओं को सरकार जल्द दूर करा लेगी।
जैन तीर्थंकर चंद्राप्रभु की जन्मस्थली चंद्रावती में कटान रोकने, भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने, चंद्रावती को तीर्थ घोषित करने के आलावा हिरामनपुर-चंद्रावती मार्ग पर द्वार बनवाने का प्रस्ताव रखा गया। पर्यटन मंत्री ने कहा कि काशी चार जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली है, ऐसे में इस सर्किट को संवारने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भूमि नामांतरण संबंधी प्रक्रिया में जरूरी
दस्तावेज जैन समाज की ओर से तैयार कराए जाएं, अन्य जो भी बाधाएं होंगी उसे अफसर दूर करा लेंगे। इस योजना पर पेढ़ी ट्रस्ट पांच सौ करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस परिपथ के अन्य मंदिरों को भी संवारा जाएगा। इस मौके पर सूबेदार सिंह, बहादुर सिंह, प्लानर इंडिया के श्याम लाल, ट्रस्ट के ललित भंसाली, सपा के जिलाध्यक्ष सतीश फौजी समेत तमाम लोग उपस्थित थे। संचालन राजेंद्र कुमार दुबे ने किया।