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नमामि गंगे जन जागरण अभियान: दशाश्वमेध से शिवाला घाट तक फैलाई स्वच्छता जागृति, लोगों को दिया ये संदेश

Tue, 22 Nov 2022 09:50 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा भारत की सनातनी व सांस्कृतिक आत्मा हैं। जो राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने का काम करती  है। मां गंगा के बिना भारतीय सभ्यता अधूरी है। गंगा न केवल राष्ट्रीय नदी है बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर भी है। देश में विविध भाषाएं, धर्म, संस्कृति, संगीत होने के बावजूद कुछ ऐसी चीजें हैं जो हमें बांधे रखती हैं, एकजुट रखती हैं...गंगा उनमें से एक है । नदियों के बिना सभ्यताओं का विस्तार संभव नहीं है, वे इसकी प्राण वायु हैं। 
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नमामि गंगे ने गंगा तट की स्वच्छता के लिए किया जन जागरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत की आत्मा गंगा के तट की स्वच्छता के लिए नमामि गंगे ने दशाश्वमेध से शिवाला घाट तक जन जागरण किया । नाव द्वारा लाउडस्पीकर से स्वच्छता जागृति फैलाई गई । नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने गंगा स्नान और घाटों पर भ्रमण कर रहे लोगों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। दशाश्वमेध से शिवाला घाट तक सभी को स्वच्छता का संकल्प दिलवाया गया। हर हर महादेव और गंगा मैया की जय के उद्घोष से गंगा तक गूंज उठा।

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गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा भारत की सनातनी व सांस्कृतिक आत्मा हैं। जो राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने का काम करती  है। मां गंगा के बिना भारतीय सभ्यता अधूरी है। गंगा न केवल राष्ट्रीय नदी है बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर भी है। देश में विविध भाषाएं, धर्म, संस्कृति, संगीत होने के बावजूद कुछ ऐसी चीजें हैं जो हमें बांधे रखती हैं, एकजुट रखती हैं...गंगा उनमें से एक है । नदियों के बिना सभ्यताओं का विस्तार संभव नहीं है, वे इसकी प्राण वायु हैं। 
मोक्षदायिनी मां गंगा केवल नदी ही नहीं है बल्कि सदियों से भारत में धर्म, दर्शन, संस्कृति, सभ्यता का प्रवाह है । गंगा के निर्मल प्रवाह ने भारत भूमि पर हर आयाम को जोड़कर रखा है। यह नदी न केवन हमें जल देती है बल्कि पोषण एवं रोजगार का अवसर भी देती है।आवाह्न किया कि हम सभी गंगा के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें। गंगा किनारे की स्वच्छता में सहायक बनें। 

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