वाराणसी। दो सौ साल पुराने कलेक्ट्रेट भवन के कायाकल्प का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद बनारस के कलेक्ट्रेट भवन के नए सिरे से निर्माण की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग इस नए भवन का ड्राइंग और इस्टीमेट तैयार करेगा। फिलहाल इस पर 17 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है।
कैबिनेट की सहमति के बाद कलेक्ट्रेट कलेक्ट्रेट भवन का कायाकल्प होने जा रहा है। अब एक बार नए सिरे से पुराने कलेक्ट्रेट भवन के साथ पुराने अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम) को नए सिरे से निर्माण की कवायद तेज हो गयी है। कलेक्ट्रेट भवन को नए सिरे से निर्माण का प्रस्ताव लगभग एक साल पहले शासन को भेजा गया था। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसकी प्रारंभिक ड्राइंग और डिजाइन भी तैयार कराया गया है। कलेक्ट्रेट के नए भवन में 60 कमरे होने के साथ रिकॉर्ड रूम भी होगा। सीसीटीवी नेटवर्क से सुसज्जित नए कलेक्ट्रेट भवन में जिलास्तरीय प्रशासनिक अधिकारी एक साथ बैठ सकेंगे। कलेक्ट्रेट भवन में मीटिंग के लिए हॉल भी होगा। सर्किटहाउस के नए एनेक्सी से जोड़ने का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। नए कलेक्ट्रेट भवन में फरियादियों के बैठने की भी बेहतर व्यवस्था होगी। यहां बता दें कि कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण 1820 में किया था। इसे बदलने की कवायद 2006 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में भी हुई थी लेकिन सारी कवायद फाइलों के बीच ही दम तोड़ दी थी। डीएम कौशलराज शर्मा बताया कि पुराने कलेक्ट्रेट भवन की जगह नए कलेक्ट्रेट भवन की ड्राइंग और इस्टीमेट तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी को कहा गया है।