वाराणसी। तमाम प्रयास के बाद भी वेंडर्स को व्यवस्थित नहीं किया जा रहा है। वेंडिंग जोन बनाने के बाद भी इधर-उधर ठेला खोमचा लगाने से शहर की सूरत बिगड़ रही है। साथ ही उनकी वजह से कई बार जाम भी लग जा रहा है। नगर निगम की ओर से तीन और वेंडिंग जोन बढ़ाकर इनकी संख्या 66 की गई है। जरूरत पड़ने पर इनकी और संख्या बढ़ाई जाएगी।
वेंडिंग जोन में रहने वाले वेंडर्स को व्यवस्थित करने के लिए क्यूआर कोड जारी किया जाएगा। कोड को स्कैन करने पर संबंधित वेंडर्स के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सकेगी। साथ ही वेंडर्स को एक यूनिक आईडी जारी कर दी जाएगी, ताकि उसकी पहचान करने में आसानी होगी। नगर निगम, डूडा और फेरी पटरी ठेला व्यवसायी समिति के संयुक्त प्रयास से शहर भर में वेंडिंग जोन के वेंडर्स के लिए सर्वे का काम चल रहा है। पांचों जोन में निर्धारित वेंडिंग जोन में वेंडरों को रखा गया है। इसके बावजूद कई जगहों पर वेंडिंग जोन के बाहर भी कई व्यापार करते हैं। उन्हें व्यवस्थित करने के उद्देश्य से ही सर्वे कराया जा रहा है। परियोजना अधिकारी डूडा जया सिंह ने बताया कि सड़कों पर इधर उधर ठेला खोमचा न लगे इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। वेंडर्स की सहूलियत के लिए उन्हें क्यूआर कोड दिया जाएगा। इसके अलावा उनकी एक यूनिक आईडी होगी, जिसके आधार पर उनके बारे में जानकारी करना आसान हो जाएगा। अभी तक 66 वेंडिंग जोन में 3272 वेंडर्स हैं। इनके अलावा बाकी वेंडर्स को जोड़ा जा रहा है ताकि सभी व्यवस्थित हो सकेें। वेंडर्स को पीएम स्व निधि योजना के तहत 10 हजार रुपये का अधिकतम ऋण दिया जाएगा, इसके लिए भी सर्वे चल रहा है।