गंगा की लहरों पर आज कान्हा कालिया नाग को नथकर उसके अहंकार का मर्दन करेंगे। काशी के लक्खा मेले में शुमार नागनथैया लीला का मंच तैयार हो गया है। तुलसीघाट पर रविवार को संकटमोचन मंदिर के महंत की निगरानी में नागनथैया की लीला को अंतिम रूप दिया गया।
सोमवार को नटवर नागर भगवान कृष्ण कालिया नाग को नथकर नदियों की स्वच्छता का संदेश देंगे। लीला की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण और बाल सखाओं की कंदुक क्रीड़ा से होगी। संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने बताया कि सोमवार को कदम की डाल गंगा तट पर सजा दी जाएगी। तुलसी घाट पर करीब 12 फीट लंबे कालिया नाग के प्रतिरूप का रंग-रोगन कर बांस की बीट पर सजाया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से नगर निगम की ओर से अस्सी घाट से लेकर तुलसी घाट तक सीढ़ियों पर बैरिकेडिंग की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गलियों में आने जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है। बैरिकेडिंग के पास पुलिस, जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे। मेला को संपन्न कराने के लिए तुलसी घाट के दाहिने और बाएं गंगा में दो पीपा पुल बनाए गए हैं। इसके मध्य काशी नरेश परिवार के अनंत नारायण सिंह नौका में सवार होकर नागनथैया लीला देखेंगे और काशी की जनता का अभिवादन करेंगे।
छठ को देखते हुए घाट की सफाई ने पकड़ा जोर
गंगा के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के बाद घाटों पर फैली गंदगी को साफ करने कार्य तेज कर दिया गया है। अस्सी घाट, गंगा महल घाट रीवा घाट, तुलसी घाट तक फैले मलबे को साफ कर दिया गया है। रविवार को करीब आधा दर्जन पंप लगाकर अस्सी घाट से लेकर तुलसी तक मलबा साफ करने का कार्य किया गया। 10 नवंबर को सूर्य उपासना का पर्व डाला छठ का आयोजन घाट पर होना है।