नागकूप स्थित नागेश्वर महादेव के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
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नागेश्वर महादेव को प्रिय है तुलसी की माला
नागतीर्थ जैतपुरा स्थित नागकूप के पुजारी कुंदन पांडेय ने बताया कि नागकूप नागलोक में जाने मार्ग भी है। मान्यता है कि इससे कुंडली से कालसर्प दोष खत्म होता है। उन्होंने बताया कि इस प्राचीन कुंड में नागेश्वर महादेव का शिवलिंग है। नागदेवता को तुलसी की माला प्रिय है। इसलिए तुलसी की माला भी चढ़ाई जाती है। कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए इस कूप में लोग स्नान भी करते हैं।
देशभर के विद्वान आज करेंगे शास्त्रार्थ
जैतपुरा स्थित नागकूप महर्षि पतंजलि की तपस्थली है। यहीं पर महर्षि पतंजलि ने अपने गुरु महर्षि पाणिनि के अष्टाध्यायी ग्रंथ पर महाभाष्य पूरा किया था। इसलिए यहां पर शास्त्रार्थ करने की परंपरा चली आ रही है। उत्तर प्रदेश नागकूप शास्त्रार्थ समिति के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि नागपंचमी पर यहां शास्त्रार्थ होगा। विभिन्न प्रांतों के संस्कृत शिक्षण संस्थानों के विद्वानों और शोध छात्र इसमें हिस्सा लेंगे। दोपहर एक बजे से शास्त्रार्थ शुरू होगा। पूर्व व उत्तर पक्ष के आधार पर नव्यन्याय शैली में शास्त्रार्थरा होगा। इसमें बीएचयू, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और शोध छात्र भी भाग लेंगे।