पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में आईपीडीएस (इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम) के हुए काम और इससे कम हुए लाइन लास की जानकारी लेने म्यांमार नौ सदस्यीय टीम आई। यहां आईपीडीएस के काम जहां हुए हैं, वहां के कामों को देखा। काम के दौरान क्या दिक्कत आई और उन्हें कैसे दूर किया गया इसके बारे में पावर ग्रिड के जीएम नवीन श्रीवास्तव से बातचीत की।
पावर ग्रिड के अधिकारियों ने म्यांमार की टीम को रवींद्रपुरी, मानस नगर, जवाहर नगर में भूमिगत बिजली के तारों के काम को दिखाया। म्यांमार सरकार के डिपार्टमेंट आफ पॉवर ट्रांसमिशन एंड सिस्टम कंट्रोल सिस्टम के डायरेक्टर डा. टिंट सोई विन, आंग थूरा विन, डिप्टी डायरेक्टर जनरल थाइन थूरा, खिन हथाय विन, डिपार्टमेंट आफ इलेक्ट्रिक पावर प्लानिंग के डिप्टी डायरेक्टर म्या थाई ल्वीन समेत नौ अधिकारी आए थे।
विद्युत एवं ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ पहुंचे म्यांमार की टीम ने पावर ग्रिड के जीएम से लाइन लास पर चर्चा की। यहां अध्ययन करने के बाद उन्होंने संतोष जताया। माना जा रहा है कि म्यांमार सरकार भी भूमिगत बिजली के तारों के काम को अपने देश में लागू कर सकती है।